द चिंट्ज़ सोफा by Helen McNicoll - लगभग 1913 - 81.3 x 99.1 से. मी. द चिंट्ज़ सोफा by Helen McNicoll - लगभग 1913 - 81.3 x 99.1 से. मी.

द चिंट्ज़ सोफा

कैनवास पर तेल • 81.3 x 99.1 से. मी.

  • Helen McNicoll - December 14, 1879 - June 27, 1915 Helen McNicoll

    लगभग 1913

द चिंट्ज़ सोफा, लंदन के उस स्टूडियो का दृश्य है, जो कनाडा की प्रभाववाद चित्रकारा, हेलेन मैकनिकोल, अपनी सहयोगी ब्रिटिश चित्रकारा, डोरोथी शार्प के साथ साझा करती थीं, जो कि यहाँ स्वयं चित्रित हैं। पहली नज़र में यह दृश्य केवल एक घरेलू और पारिवारिक जीवन का चित्र प्रतीत होता है। परंतु कुछ कला इतिहासकार इसको पैनी नज़रों से देखते हैं और इसमें छुपी गहराई के बारे में कहते हैं कि: यह चित्रित महिला, शायद नारी मताधिकार आंदोलन का चिह्न हो सकती है। यह चित्र 1913 में बनाया गया था, जिस समय नारी मताधिकार के लिए उग्र प्रदर्शन अपनी चरम सीमा पर था, और ठीक उसी दौरान मैकनिकोल को रॉयल सोसाइटी ऑफ़ ब्रिटिश आर्टइस्ट (आर.बी.ए.) में सदस्यता मिली। 

उस दौर में महिलाओं की जगह कला संस्थानों में बहुत कठिनाई से बन रही थी। आर.बी.ए. के सदस्य होने के बावजूद भी उन्हें प्रभावहीनता झेलने पर मजबूर होना पड़ता था और इसी कारण वह अन्य समूह जैसे सोसाइटी ऑफ़ वूमेन आर्टिस्ट्स (एस.डब्ल्यू.ए) की तरफ़ मूढ़ीं, जहाँ शार्प, उपाध्यक्ष के पद पर थीं। हालाकि दोनों ही चित्रकाराओं की, राजनीतिक रूख का प्रमाण नहीं मिलता है, परंतु महिला संस्थानों में उनकी गहरी भागीदारी इस बात को जताती है की द चिंट्ज़ सोफा  में नारीवाद संघर्ष की गूँज है।

91 एश्वर्थ मैन्शंस, मैदा वैल में स्तिथ उनका विशाल स्टूडियो, न सिर्फ़ उनका कार्यस्थल था बल्कि एक सामाजिक केंद्र भी था। मैकनिकोल यहाँ कला प्रदर्शनी के साथ-साथ नेटवर्किंग कार्यक्रम भी आयोजित करती थीं। 1913 में लिखे एक पत्र में , उन्होंने बताया की एक आयोजित प्रदर्शनी में 57 लोग शामिल हुए, जिनमे आर.बी.ए. के सदस्य भी थे और यह आयोजन सोसाइटी के वार्षिक चुनाव से ठीक पहले हुआ। अपनी साथी को लेके शार्प के प्रचार के चलते, मैकनिकोल को आखिरकार सदस्यता मिल ही गई और उनके स्टूडियो की एक तस्वीर, मांट्रियाल डेली स्टॉर अख़बार में उनकी सफलता की कहानी के साथ छपी।   

पुनश्च - क्या आप उल्लेखनीय महिलाओं द्वारा और चित्र देखना चाहते हैं? तो हमारे वूमेन आर्टिस्टस 50 पोस्टकार्ड से शुरुआत करें। 

पुनः पुनश्च - अमेरिका, कनाडा और पूरे यूरोप से लेकर जापान तक, मिलिए 10 महिला प्रभाववादियों से जिन्हें आपको ज़रूर जानना चाहिए!