कापो दी नोली, जेनोआ के पास by Paul Signac - 1898 - 91.5 x 73 से. मी. कापो दी नोली, जेनोआ के पास by Paul Signac - 1898 - 91.5 x 73 से. मी.

कापो दी नोली, जेनोआ के पास

कैनवास पर तेल • 91.5 x 73 से. मी.

  • Paul Signac - November 11, 1863 - August 15, 1935 Paul Signac

    1898

नोली, इटली के रिवियरा क्षेत्र में जेनोआ के पास, एक छोटा सा गाँव है। जहाँ 1896 की गर्मियों में, सैंट-ट्रॉपेज़ से चित्रकार पॉल सिनाक पैदल चलकर पहुँचे थे। उसके दो साल बाद उन्होंने, अंतरीप और उसके बंदरगाह का बेहद सुंदर दृश्य बनाया, बाद में स्मरण करते हुए उन्होंने कहा की " मै कैनवास के हर कोने को, रंगों के मामले में, पूरी हद तक ले जाना चाहता था"।

प्रभाववाद के रास्ते चलते हुए और अपने मित्र जॉर्जेस स्यूरात से प्रभावित होकर, सिनाक ने छोटी-छोटी पूरक बिंदुओं का इस्तेमाल कर, चित्रता को एक सटीक प्रणाली में ढाल दिया। स्यूरात ने इस शैली का नाम डिवीज़निज़्म रखा, किंतु बाद में यह बिंदु चित्रण यानी पॉइंटलिज्म के नाम से मशहूर हुई।

इस चित्र, कापो दी नोली  में, सिनाक रंगों और रेखाओं कि बारीकी को दर्शाते हैं, इसको कैनवास पर उतारने से पहले वह अपने कार्यालय में बैठ इसकी योजना बनाते थे। यहाँ चट्टानों और समुंदर का इस्तेमाल एक प्राकृतिक वस्तु के बजाय शुद्ध रंगों के मंच के तौर पे ज़्यादा हुआ है। रंगों के इस स्पष्ट और अस्वाभाविक इस्तेमाल ने आधुनिक कला पर गहरा असर डाला, जिसने फ्रांस में फ़ाव्वाद और जर्मनी में अभिव्यंजनावाद को रूप दिया। 

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