क्या आप मध्य दिसंबर में थोड़ी से धूप पसंद करेंगे?
रॉबर्ट और सोनिया डेलाउने स्पेन के सैन सेबास्टियन रिसॉर्ट में छुट्टियाँ मना रहे थे, जब पहला विश्व युद्ध छिड़ा और फिर उनकी सारी योजनाएँ पलट गईं। 1915 में जून के महीने में, वह पुर्तगाल में पोर्तो के उत्तरी गाँव, विला दो कोंडे में जाके बसे, जहाँ वह 1916 के मार्च तक रुके।
इस चित्र में, डेलाउने ने लाक्षणिक और काल्पनिक तत्वों का मिश्रण कर यह रचना बनाई। चित्र के दाईं ओर, पारंपरिक पोशाक पहनी एक पुर्तगाली महिला, मिट्टी का बर्तन लिए नज़र आती है। उनकी खूबसूरत रंगबिरंगी पोशाक इस चित्र के उज्जवल पैलेट को और निखार देती है। साथ ही चित्र के केंद्र में प्रतिष्ठित ओर्फ़िक वृत्त पूरे कैनवास में रंगों की तरंग बिखेरते हैं। चित्र के बाईं ओर रंग-बिरंगे पौधे इस रचना कि लयबद्ध ऊर्जा को और बढ़ा देते हैं।
यह कलाकृति, हमारे आने वाले साल के साप्ताहिक मेज़ कैलेंडर में शामिल है। तो अब अपनी मेज़ पर थोड़ी सी धूप आप भी ले आएँ या फिर किसी को उपहार के तौर पर दें, लेकिन जल्दी करें, हमारे पास अब सिर्फ़ कुछ ही कैलेंडर बचे हैं।
पुनश्च - सोनिया और रॉबर्ट डेलाउने के बारे में और जानिए, जो जीवन के साथ-साथ कला में भी एक दूसरे के हमसफ़र रहे। इनकी जोड़ी कला इतिहास में शायद सबसे अनोखी और रचनात्मक साझेदारी है।