सफेद फूलों से घिरी एक महिला की यह शांत छवि डोरोथी मैटज़ेल जोहानसेन के प्रतिभा को दर्शाता हैं जहाँ वह स्थिर आत्मविश्लेषण का आधुनिक रूप के साथ मिश्रण करती हैं।
बचपन में इस चित्रकार को रूमेटी संधि रोग से झुझना पड़ा, जिसके चलते उन्हें चिरकालिक हृदय की भी दिक्कतें आईं। युवा आयु से ही उन्होंने ख़ुद को चित्रकला की ओर समर्पित कर दिया था। साल 1907 से 1909 तक, हैम्बर्ग में उन्होंने एक रेखाचित्र शिक्षक के तौर पर परीक्षण किया और फिर श्लेस्विग में एक स्कूल में काम करने लगीं। इसी के साथ विभिन्न शैलियों में उन्होंने चित्र बनाने की प्रक्रिया जारी रखी।
1910 में उन्होंने हैम्बर्ग के शिल्पकार और चित्रकार एमिल मैटज़ेल से विवाह किया। उस समय के विलहेल्माइन राज्य में एक वैवाहिक महिला होने के नाते उनको एक शिक्षक के रूप में काम करने की अनुमति नहीं थी और इसके चलते उन्हें अपना पद खोना पड़ा। 1920 दशक के मध्यवर्ती वर्षों में, मैटज़ेल जोहानसेन की कला, वातावरण से मेल खाती और हल्के रंगों की होने लगी, यह प्रभाव खासकर फ्रांस में बिताए गए उनके समय और पॉल सीज़ेन की प्रभाववाद कला थे। हैम्बर्ग सेसेशन की एक संस्थापक सदस्य होने के नाते उन्होंने एक अभिव्यक्तिवादी शैली को अपनाया, जो आक्रामक नहीं बल्कि एकता, अवलोकन और भावनात्मक संयम से पहचाना जाता था। दुर्भाग्य से अपने 44वे जन्मदिन से कुछ ही दिन बाद, हृदय के विफलता के चलते एक ऑपरेशन में उनका जीवन अचानक थम गया। कई दशकों तक उनका काम विस्मृत रहा लेकिन हाल ही के सालों में उन्हें दोबारा खोज निकाला गया है।
पुनश्च - विभिन्न सदियों से चलती आ रही महिला कलाकारों की प्रतिभा को बाँटिए। वूमेन आर्टिस्ट 50 पोस्टकार्ड सेट का दूसरा एडिशन उनकी परिकल्पना आपके हाथों में सौंपता है—हर कार्ड रचनात्मकता, बल और प्रेरणा का एक जटिल उत्सव है।
पुनः पुनश्च - एक और प्रतिभावान जर्मन चित्रकार से मिलिए, अभिव्यक्तवादी की अग्रणी कलाकार पाउला मोडरसोहन-बेकर!
Dorothea Maetzel-Johannsen