जिज्ञासा भरा घर का कोना by Jan van der Heyden - 1712 - 75 x 63.5 से.मी. जिज्ञासा भरा घर का कोना by Jan van der Heyden - 1712 - 75 x 63.5 से.मी.

जिज्ञासा भरा घर का कोना

कैनवास पर तेल • 75 x 63.5 से.मी.

  • Jan van der Heyden - 5 March 1637 - 28 March 1712 Jan van der Heyden

    1712

अग्रभूमि में रखी बाइबिल की खुली किताब, एक्लेसियास्ट्स यानी सभोपदेशक से एक जानी मानी पंक्ति को दर्शाती है: "वैनिटी ऑफ़ वैनिटीज़, ऑल इस वैनिटी" यानी सब व्यर्थ है, सब क्षणिक है। जैसे कोई सख्त शिक्षक अपनी बात पर ज़ोर दे रहा हो, यह किताब उसी तरह दर्शक से मानो यह कहती है कि: सारा सांसारिक ज्ञान, खूबसूरती और कामयाबी, यह सब अंततः व्यर्थ है क्यूंकि जो सब हम इकट्ठा करते हैं मृत्यु उन सभी को मिटा देती है। 

इस तरह के चित्रों को वनितास स्टिल लाइफ़्स कहा जाता है और इनकी एक लंबी परंपरा रही है। शुरुआती दौर में यह, लालच और ऐशो-आराम के ख़िलाफ़ एक नैतिक चेतावनी के तौर पर बताई जाति थी लेकिन यहाँ इसकी व्यापकता कई गुना अधिक है। चित्रित की गई वस्तुएं सिर्फ़ एशो-आराम का ही नहीं बल्कि बुद्धि, ज्ञान और आकांक्षाओं जैसी सांसारिक संस्कृति का भी प्रतिनिधित्व करती हैं। विले ब्लाउ का एक खुला एटलस, डच गणराज्य की स्थापना और डच पर्यवेक्षण की याद को दर्शाता है, ख़ासकर बर्गन में स्वतंत्रता संग्राम की पहली जीत को। वहाँ से यह कृति, डच व्यापार की वैश्विक पहुँच का अनुरेखण करती है: एक तुर्की कालीन, चीन के रेशम और मिट्टी के बर्तन, जापानी शस्त्र और दक्षिण अमेरिका का एक आर्मेडिलो। 

यूरोपियाई सभ्यता की बुनियाद मानी जाने वाली शास्त्रीय संस्कृति भी यहा मौजूद है। अंगीठी के ऊपर डीडो की त्रासदी की कहानी दिखाई देती है, और वही एक जर्मन अलमारी पर मिनर्वा की छवि बनी हुई नज़र आती है, जो ज्ञान और विद्या का प्रतीक मानी जाति है। स्थलीय और खगोलीय ग्लोब के आकार इस कृति को एक सार्वलौकिक स्तर पर ले जाति हैं, जो मनुष्य की पृथ्वी और परलोक को लेकर विस्तृत ज्ञान को बखूबी दर्शाती है। 

वैन डर हैडेंन ने इस विस्तारपूर्ण चिंतन को 75 की उम्र में चित्रित किया, और दुर्भाग्य से उनकी मृत्यु भी उसी उम्र में हुई। इस चित्र का संदेश जीवन के समाप्त होने के निकट, आने वाली जागरूकता से जुड़ा है।

आशा है कि आपका रविवार बहुत अच्छा गुज़रे!

पुनश्च - क्या आप अंदाज़ा लगा सकते हैं कि एटलस और ग्लोब किस चीज़ का प्रतीक हैं? इन चीज़ों का उपयोग डच कला में अक्सर हुआ है, जिसमे वर्मियर द्वारा वैज्ञानिकों के दो पोट्रेट भी शामिल हैं!