आज के दिन 1755 में, एलिजाबेथ लुईज़ वीगे ले ब्रुन का जन्म हुआ था, एक ऐसी फ़्रांसीसी कलाकार जिन्होंने पोर्ट्रेट बनाने में माहरत हासिल की थी। इसी अवसर पर हम पेश करते उनका अपना सेल्फ-पोर्ट्रेट। :)
दर्शक की ओर देखते हुए, एलिजाबेथ एक स्नेही और आकर्षक मुस्कान लिए खड़ी हैं, जो उनके शुरुआती सेल्फ-पोर्ट्रेट की एक पहचान रही है। रेशम से बनी उनके सुंदर काले वस्त्र उनकी हैसियत का संकेत देते हैं, जो उनकी कमर पर बँधी, उजव्वल लाल रंग की पट्टी से और भी जीवंत लगता है। उनके घुँघराले भूरे रंग के बालों पर सजी सफेद पगड़ी, रेम्ब्रांट के सेल्फ-पोर्ट्रेट चित्रों में देखी जाने वाली आकर्षक विदेशी हेडपीस की याद दिलाती है। इसका नतीजा, एक ताज़ा एवं तेजस्वी चित्र जो उनकी ख़ूबसूरती के साथ साथ उनकी कलात्मक श्रेष्ठता को भी स्पष्ट करता है।
उन्होंने यह चित्र इटली में बनाया था। फ़्रांसीसी क्रांति के शुरू होने पर जब उन्हें पेरिस छोड़ कर जाना पड़ा, तो वह अपनी यात्रा के दौरान फ्लोरेंस में रुक कर पलाज़ो पित्ती और उफ़्फ़ीज़ी गैलरी का निरीक्षण किया। वहाँ उन्होंने 17वी शताब्दी में लियोपोल्डो दे' मेडिची द्वारा शुरू की गई सेल्फ-पोर्ट्रेट के संग्रहण को सराहना।
वह खास तौर पर अपनी समकालीन, स्विस चित्रकार एंजेलिका कौफ़मान की सेल्फ-पोर्ट्रेट से प्रभावित थीं। उस समय अवसर का लाभ उठाते हुए, उफ़्फ़ीज़ी गैलरी के निर्देशक गुईसेपे बेंचीवेन्नी पेल्ली ने, उन्हें ले ब्रुन को अपना सेल्फ-पोर्ट्रेट बनाने का और साथ ही ख़ुद को उस प्रतिष्ठित संग्रहण में जुड़ने का न्योता दिया। एलिजाबेथ ने इस मौके को उत्साह के साथ अपनाया।
रोम पहुँचने के बाद उन्होंने जी तोड़ मेहनत कर, यह चित्र केवल छह हफ्तों में संपन्न किया। उन्होंने लिखा "मैने ख़ुद को, हाथों में पैलेट लिए, कैनवास के सामने खड़े, सफेद चाक से रानी का चित्र बनाते हुए दिखाया"। दोहरा पोर्ट्रेट माने जाने वाले इस चित्र के ज़रिए वह अपनी संरक्षिका, मैरी एंटुआनेट को श्रद्धांजलि देती हैं, साथ ही एन्सियन रेजिमे की और अपनी वफादारी की पुष्टि करती। हैं, जिसने ना केवल उनके पेशे का समर्थन किया था बल्कि उसका उत्सव भी मनाया था।
पुनश्च - वीगे ले ब्रुन की कृतियाँ हमारे महिला चित्रकारों को समर्पित पोस्टकार्ड सेट में मिलेंगी; इनमे से अपनी पसंदीदार चित्रों को खोज निकालें और महिलाओं के इस अद्भुत योग्यता का उत्सव मनाएँ।
पुनः पुनश्च - ले ब्रुन यूरोप के शाही परिवारों की सबसे बेहतरीन पोर्ट्रेट कलाकारों में से एक थीं। मिलिए एलिजाबेथ वीगे ले ब्रुन के महत्वपूर्ण विषयों से!