हम अमेरिकी लोक कला संग्रहालय से मास्टरपीस दिखाने के खास महिने को जारी रख रहे हैं। आज का चित्र फ़ोक नेशन: क्राफ्टिंग पैट्रियोटिज्म इन द यूनाइटेड स्टेट्स प्रदर्शनी का हिस्सा है, जो फ़रवरी 28, 2027 तक न्यू यॉर्क के इस संग्रहालय में प्रदर्शित है। अगर आप ख़ुद को न्यू यॉर्क में पाएँ तो इसे देखना ना भूलें!
अम्मी फिलिप्स द्वारा चित्रित सेंकड़ो बैठे हुए लोगों के पोर्ट्रेट में स्थिरता के बावजूद, उनका ख़ुद का जीवन शुरुआत से अंत तक अबोधगम्य घटनाओं से युक्त था: वह एक नवगठित, संयुक्त राज्य अमेरिका की आशावादी भौर में जन्मे, और गृहयुद्ध से त्रस्त देश में उनकी मृत्यु हुई। यह नाम "अम्मी" दरअसल बाईबिल संबंधित किताब होसिया में पाया जाता है और इसका मतलब "मेरे लोग" है। मित्रों और पड़ोसियों की उनकी प्रभावशाली कृतियाँ, राष्ट्रीय एकता की एक छवि दर्शाती है, ख़ासकर कनेक्टिकट, मैसाचुसेट्स और न्यू यॉर्क के सीमावर्ती क्षेत्रों में।
फिलिप्स का करियर रंगो के पैलेट और शैली में उत्तेजक बदलाव की वजह से मशहूर है, 1805 के आस पास प्रकाश से भरे हुए दृश्यों से लेकर 1850 और 1860 के दशकों में संतृप्त रंगों और सख़्त अधिनियमित पोर्ट्रेट तक। यह रचना, गर्ल इन रेड ड्रेस विथ कैट एंड डॉग यानी बिल्ली और कुत्ते के साथ लाल पोशाक पहने एक लड़की, उनके तथाकथित केंट दौर का चित्र है, जो 1829 से 1838 तक जारी रहा। यह उन कई पोर्ट्रेट में से एक है जिनमे उन्होंने बच्चों को लाल पोशाक पहने और उनके पैरों के पास एक छोटा कुत्ता दिखाए चित्रित किया है। जब इन सभी चित्रों को साथ में देखा जाता है तो इनके ज्यामितीय संतुलन और शुद्ध रंगों के बड़े हिस्सों की चमक, हमे मध्यकालीन युग के धार्मिक कला की याद दिलाती है। जैसा माता मरियम द्वारा सुशोभित वस्त्रों में इस्तेमाल किया गया सिंदूरी रंग, इस पोर्ट्रेट में भी वैसे कुछ दुर्लभ एवं महंगे रंग इस्तेमाल हुए हैं जो अक्सर धार्मिक व्यकित्यों से संबंधित होते हैं। फोटोग्राफी की शुरुआत के बाद भी फिलिप्स कितने लंबे समय तक पेशेवर रहे इसका संकेत 1810 के एक विज्ञापन में दिखता है, जहाँ वह दावा करते हैं की वह "समय के चलन के अनुसार बिल्कुल सटीक चित्र" बनाएँगे, एक एस वादा जिसे उन्होंने आने वाले 50 सालों तक निभाना था।
पुनश्च - माना जाता है कि अम्मी फिलिप्स ने कभी भी औपचारिक रूप से कला की शिक्षा नहीं प्राप्त की। मिलिए 10 ऐसे मशहूर चित्रकारों से जिनके बारे में आप सोच भी नहीं सकते की वह आत्म-शिक्षित थे!
Ammi Phillips