अ बॉउल ऑफ़ प्लम्स, यानी आलूबुखारों की एक कटोरी, एक विनीत रचना है जो महान फ़्रांसीसी चित्रकार जीन-बैपस्टिस्ट-सीमेयोंन चारदाँ के शैली का एक बेहतरीन उदाहरण है, जिसको बड़े ही आश्वासन के साथ बनाया गया है। एक साधारण कटोरे में पके हुए आलूबुखारे, पत्थर से बनी मेज़ की सतह पर टिके हुए हैं, और इसकी व्यवस्था बेहद सादा एवं सरल नज़र आती है। इस चित्र में ना तो कोई विस्तृत योजना नज़र आती है और ना ही कोई कहानी, इसकी बजाय सारा ध्यान बस इन फलों पर केंद्रित है।
चारदाँ का ब्रश फलों के ऊपर हल्की धूल और उनके छिलके पर पड़ती बदलते प्रकाश पर मानो ठहर सा जाता है। गहरे बैंगनी रंग और हल्के हरे रंग, एक मिट्टी के रंगों के नियंत्रित समूह से उभरता नज़र आता है जो मंद पृष्ठभूमि के प्रतिकूल, बिना किसी नाटकीय विरोधाभास के वस्तुओं को एक दृढ़ता देती है। यह रचना बड़ी ही बारीकी से चित्रित नज़र आती है, जहाँ संतुलन, रंगत की तान से मिलता है ना की सजावट से। एक ऐसे समय में जब फ़्रांसीसी चित्रकला सुंदरता और सजावट की और झुकती नज़र आती थी, चारदाँ मामूली वस्तुओं की और मुड़ते नज़र आय, और उनमे एक गहराई और शांति खोज निकाली और ऐसे चित्रों को दृढ़ता दी। यह करने में वह बेहद योग्य थे।
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पुनश्च - चारदाँ के बेहतरीन मास्टरपीस को यहाँ देखिए—द मंकी पेंटर!