पंखों वाली झाड़ू हाथों में लिए लिलि by Gerda Wegener - 1920 - 60 x 81 से.मी. पंखों वाली झाड़ू हाथों में लिए लिलि by Gerda Wegener - 1920 - 60 x 81 से.मी.

पंखों वाली झाड़ू हाथों में लिए लिलि

कैनवास पर तेल • 60 x 81 से.मी.

  • Gerda Wegener - 15 March 1886 - 28 July 1940 Gerda Wegener

    1920

हम आज की कृति कुंस्टम्यूज़ियम बासेल के सौजन्य से प्रस्तुत कर रहे हैं, जहाँ आप इसे 2 अगस्त 2026 तक द फर्स्ट होमोसेक्सुअल्स: द बर्थ ऑफ़ न्यू आइडेंटीटीज़ 1869–1939  में प्रदर्शित देख सकते हैं। यह बहुआयामी प्रदर्शनी क्वियर समाज, आत्मीय पोर्ट्रेट, साहसी जीवन निर्णय, सांकेतिक इच्छाओं और औपनिवेशिक उलझनों के परिप्रेक्ष्य को क़ैद करता है। 

समलैंगिकता का इतिहास लिंग संबंधी विचारों से जुड़ा हुआ है। शुरुआती व्याख्याओं में समलैंगिक इच्छा को उल्टी "आत्मा" का परिणाम बताया गया—जैसे उदाहरण के लिए किसी पुरुष के शरीर में "स्त्री आत्मा" का होना। 1869 में पहली बार लिखित रूप में "होमोसेक्शुअल" शब्द यानी समलैंगिक व्यक्ति के नज़र आने के 40 साल बाद ट्रांस लोगों के लिए एक शब्द सामने आया—यानी वह व्यक्ति जिनका लिंग पहचान बचपन में उन्हें दीए गए लिंग से मेल नहीं खाता। इस दौर में, पहचान को समझने के और उनको नई नाम देने के तरीके उभरे। कामुकता और लिंग दोनों को अलग-अलग अवधारणाओं के रूप में समझा जाने लगा। 

डेनमार्क की कलाकार गेर्डा वेगेनर लिलि विथ अ फ़ेदर डस्टर  में, वह अपनी पत्नी, कलाकार लिलि एल्बे को एक पंखों वाली झाड़ू लिए चित्रित करती हैं। एल्बे, लिंग-पुष्टि वाला ऑपरेशन करवाने वाली शुरुआती व्यक्तियों में से एक बनीं। उन्हें कानूनी रूप से एक महिला के रूप में पहचान मिली, और इसके चलते गेर्डा वेगेनर से उनका विवाह अमान्य घोषित कर दिया गया। उस समय समलैंगिक विवाह को कानूनी मान्यता प्राप्त नहीं हुई थी। 

पुनश्च -  लिलि एल्बे और गेर्डा वेगेनर की अनोखी कहानी को चित्रों के माध्यम से यहाँ देखिए!

पुनः पुनश्च - गेर्डा वेगेनर की कृतियाँ हमारे वूमेन आर्टिस्ट्स 50 पोस्टकार्ड सेट  में मौजूद हैं, जो अग्रणी महिला कलाकारों एवं कला इतिहास में उनके अद्भुत योगदान को रेखांकित करते हैं।