बढ़ते हुए हाथी सुधाकर पर शहज़ादे औरंगज़ेब का हमला by Unknown Artist - लगभग 1650 - 26.7 x 35.4 से.मी. बढ़ते हुए हाथी सुधाकर पर शहज़ादे औरंगज़ेब का हमला by Unknown Artist - लगभग 1650 - 26.7 x 35.4 से.मी.

बढ़ते हुए हाथी सुधाकर पर शहज़ादे औरंगज़ेब का हमला

कागज़ पर अपारदर्शी रंग और सोने की नक्काशी • 26.7 x 35.4 से.मी.

  • Unknown Artist Unknown Artist

    लगभग 1650

चलिए आज चलते हैं दक्षिण एशिया के प्रसिद्ध मुगल साम्राज्य की ओर। यह चित्र जून 1633 के उस मशहूर घटना को दर्शाता है जब भावी सम्राट औरंगज़ेब ने एक हाथी की लड़ाई में भड़के हुए हाथी, सुधाकर का सामना किया और अद्भुत वीरता का प्रदर्शन भी। वहीं उनके पिता सम्राट शाहजहाँ  सुरक्षित दूरी से यह दृश्य देखते देखते हैं। यह घटना औरंगज़ेब के युवा की सबसे प्रसिद्ध घटनाओं में से एक बन गया और इसे अनेक मुग़ल कला कृतियों में स्मरण किया गया। 

यह रचना एक बहुत ही रोमांचक पल को क़ैद करती है। औरंगज़ेब का घोड़ा अपने पिछले पैरों पर खड़ा हुआ दिखता है, और वही शहज़ादा जीन पर मुड़ता हुआ तेज़ी से बढ़ते हुए हाथी पर अपने भाले से हमला करते हैं। इस विषय पर उपलब्ध अनेक चित्रों में यह चित्र विशेष रूप से इस कारण पहचाना जाता है क्योंकि यहाँ हाथी के ऊपर नस्तालीक़ लिपि (जो फ़ारसी और अरबी में प्रमुख सेलखनों में से एक है) में एक लेख पाया जाता है जो इस घटना का विस्तृत विवरण प्रदान करता है। 

मुग़ल साम्राज्य दक्षिण एशिया के सबसे शक्तिशाली और प्रभावशाली साम्राज्यों में से एक था, जिसने 1526 से लेकर 19वी शताब्दी के मध्य तक भारतीय उपमहाद्वीप पर राज किया। अपनी सैन्य शक्ति और सांस्कृतिक उपलब्धियों के लिए प्रसिद्ध, इस साम्राज्य ने वास्तुकला, साहित्य, और चित्रकला के विकास को बढ़ावा दिया, जिसमे प्रतिष्ठित मुग़ल लघु कला भी शामिल है। 

पुनश्च - दुर्भाग्यपूर्ण, औरंगज़ेब के रूढ़िवादी शासन के दौरान ही शानदार मुग़ल कला परंपरा का पतन शुरू हुआ।