एंटवर्प से ऊपर की ओर बहती शेल्ट नदी by Theo van Rysselberghe - 1892 - 66.7 x 90.5 से.मी. एंटवर्प से ऊपर की ओर बहती शेल्ट नदी by Theo van Rysselberghe - 1892 - 66.7 x 90.5 से.मी.

एंटवर्प से ऊपर की ओर बहती शेल्ट नदी

कैनवास पर तेल • 66.7 x 90.5 से.मी.

  • Theo van Rysselberghe - November 23, 1862 - December 14, 1926 Theo van Rysselberghe

    1892

ब्रसल्स के प्रभावशाली अवंत-गार्ड यानी अग्रगामी समूह लेज़ XX के संस्थापकों में से एक, थियो वैन रायसेलबर्ग ने बेल्जियम में नव्य प्रभाववाद की शुरुआत करने में एक अहम भूमिका निभाई। उन्हें फ़्रांसीसी कलाकार जॉर्जेस सोयरात और पॉल सिन्याक की रंगों से जुड़ी वैज्ञानिक सिंधान्तों और पॉइंटिलिज्म यानी बिंदु चित्रण के तकनीकों से प्रेरणा मिली, लेकिन उन्होंने एक काव्यात्मक एवं वातावरणीय शैली विकसित करी, जिसका मिश्रण उन्होंने अक्सर प्रतीकवाद से जुड़े चिंतनशील स्वभाव के साथ किया। 

1890 दशक के शुरुआती वर्षों में उनके मूल नगर, एंटवर्प से बहती शेल्ट नदी ने इस चित्रकार के विभिन्न समुद्रीय विषयों को प्रेरणा दी। इस चित्र में, चमकीले पीले, नारंगी, लैवेंडर, और सुरमई नीले रंगों का सीमित पैलेट एक साधारण नदी के दृश्य को, प्रकाश और भाव के एक काव्यात्मक ध्यान के क्षण में बदल देते हैं। बाँधने वाले खूँटो की लंबवत लय और पानी की शांत सतह पर उनके प्रतिबिंब दर्शक की नज़र को पानी के स्रोत के दूसरी ओर ले जाती है। यह पूरी रचना बेहद ध्यानात्मक है। 

यह कृति वैन रायसेलबर्ग की अपने समकालीन कलाकारों के साथ संवाद को भी उजागर करती है। इस चित्र में ऊँचे क्षितिज और चिंतनशील वातावरण, जेम्स मैकनील व्हिसलर के प्रसिद्ध रात्रि-दृश्यों की याद दिलाता है, जिनसे बेल्जियम के यह कलाकार भली भाँति परिचित थे। वहीं चित्रीय स्थान की सावधानीपूर्वक संरचना सोयरात के प्रसिद्ध तटीय दृश्य का संकेत देते हैं। 

आशा है की अगस्त का महीना आपके लिए बेहतरीन हो! :)

पुनश्च - इस चित्र में दिखने वाले शांत जलस्रोत, प्रतिबिंब, और बदलते प्रकाश हमारे सी, शिप्स & बीचेज़ 50 पोस्टकार्ड्स सेट में देखने को मिलते हैं, यह उद्बोधक समुद्री दृश्य और नदी के दृश्यों का एक संग्रह है। 

पुनः पुनश्च - पॉइंटिलिज्म शैली से बने सबसे बेहतरीन परिदृश्यों को यहाँ देखिए!