दिसंबर 1884 में, अलेक्जेंडर कसाट अपने पुत्र रॉबर्ट के साथ बिना सूचना दिए, अलेक्ज़ेंडर के माता पिता और उनकी बहन, प्रभाववाद यानी इंप्रेशनिज़्म के लिए मशहूर, मैरी कसाट से मिलने पेरिस पहुंचे। उस महीने भर के प्रवास के दौरान, अलेक्जेंडर और उनके पुत्र ने एक दोहरा पोट्रेट चित्र बनवाया जिसमे उनके भौतिक रूप और भावनात्मक जुड़ाव को बड़ी कोमलता से दिखाया गया है। दोनों के चहरे पर समान भाव, हल्की लालिमा और पहने हुए गहरे रंग के कपड़े उन्हें दृष्टिगत रूप से जोड़ते हैं, मैरी ने एक पिता और उसके बच्चे के बीच शांत और आत्मीय पल को बखुबी चित्रित किया।
अपने समय के प्रमुख व्यवसायी अलेक्जेंडर कसाट, पेनसिल्वेनिया रेलरोड के पहले तो उपाध्यक्ष और फिर बाद में अध्यक्ष रहे, जो की उस समय की सबसे बड़ी संस्थाओं में से एक थी। इस चित्र में उन्हें एक सार्वजनिक व्यक्ति के रूप में नहीं बल्कि घर पर अपने बेटे के साथ एक स्नेही पिता के रूप में दिखा कर मैरी ने 19वी सदी में पितृत्व को एक नई मानवीय छवि दी जो व्यवसायी से ज़्यादा एक व्यक्तिगत भावना पर केंद्रित थी।
पुनश्च - मैरी कसाट ने न सिर्फ़ ऐसे सुनहरे पारिवारिक पलों को क़ैद किया बल्कि उन्होंने फ़्रांसीसी प्रभाववादी कहानी को भी पूरी तरह बदल दिया। उनके योगदान और पूरे कला आंदोलन के बारे में पूरी तरह जाने हमारे फ़्रांसीसी प्रभाववाद मेगा कोर्स में।
पुनः पुनश्च - आज की कलाकार एकमात्र एसीसी अमेरिकी थीं जिन्होंने फ़्रांसीसी प्रभाववाद समूह में अपनी जगह बनाई। प्रस्तुत है कहानी मैरी कसाट—अमेरिकी प्रभाववादी की।