1984 में लिखे एक निबंध में, कला समीक्षक थियोडॉर डुरे ने एडगर देगास का महिलाओं को, अनोखे ढंग में दर्शाने कि कला के बारे में लिखा। उनके अनुसार देगास अपने चित्रों में महिलाओं को "अंदरूनी जगहों में दिखाते हैं, महंगे कपड़ो से घिरे और गद्देदार फर्नीचर के बीच। उनकी नज़र में ना कोई देवी है और ना ही परंपरागत कथाओं की नायिकाएँ, यहाँ सिर्फ़ एक असली महिला है, जो अपनी आम, रोज़मर्रा की आदतों, पहनाव और सवरने में व्यस्त है।" डुरे की टिप्पणी उस विषय को उजागर करती है जो 1890 के दशक से देगास की कला का केंद्र बन गया था: महिला का ट्वॉलेट में होना यानी जहाँ वह सजती-सवरती है, कभी निवस्त्र, कभी कपड़े पहने, शांतिपूर्वक अपने आम कामों में मगन, नहाते हुए या कपड़े पहनते हुए या फिर, इस कृति ला कॉइफ़्यूर (ला ट्वॉलेट) में अपने बालों को सवारती हुई।
आज की हमारी इस पैस्टल में एक महिला कुर्सी पर आराम से बैठी नज़र आती है, जिसके बाल उसकी दासी द्वारा सुलझाए जा रहे हैं। इस युवा महिला का सिर ब्रश के खिंचाव से पीछे की और जाता नज़र आता है। उसका दाहिना हाथ सिर की और उठता दिखाई देता है, मानो जैसे ब्रश के खिंचाव से होने वाली तकलीफ़ को वह कम करना चाहती हो। उसका बायां हाथ हवा में उठा है, उँगलियाँ मुट्ठी में भींची हुई है, जो इस सजने सवरने की प्रक्रिया की शारीरिक मेहनत को साफ़ दर्शाता है। वह नीले रंग का पेग्नोआर पहने नज़र आती है, जो एक शानदार किस्म का गाउन है जिसका इस्तेमाल इसी प्रक्रिया के लिए किया जाता था। पेग्नोआर नाम दरअसल फ़्रांसीसी शब्द "पायेग्नर" से आता है जिसका मतलब "कंघी करना है"। विभिन्न सामग्री पास के मेज़ पर सजी दिखाई पड़ती है, जैसे रिबन, ब्रश, कंघी, कैंची, और मरहम की एक बोतल।
हमारी आशा है की आपका सोमवार, सुनहरा हो।
पुनश्च - क्या आप अपनी रोज़मर्रा जीवन में और प्रभाववादी जादू चाहते हैं ? हमारे 2026 DailyArt कैलेंडर में मौजूद देगास और उनके समकालीन कलाकारों की उत्कृष्ट कृतियाँ को देखें यह कला और सुंदरता के साथ दिन की शुरुआत करने का एक शानदार मौक़ा है।
पुनः पुनश्च - देगास बैले डांसर के चित्रण के लिए विश्व भर में जाने जाते हैं। लेकिन उनकी कला उससे कई गुना बढ़कर है। देखिए एडगर देगास की 5 बेहतरीन कृतियाँ जो बैलेनर्तकी पर आधारित नहीं हैं !