गिवर्नी में तुषार by Claude Monet - 1885 - 54 x 71 से. मी. गिवर्नी में तुषार by Claude Monet - 1885 - 54 x 71 से. मी.

गिवर्नी में तुषार

कैनवास पर तेल • 54 x 71 से. मी.

  • Claude Monet - 14 November 1840 - 5 December 1926 Claude Monet

    1885

क्लॉड मोने को जीवन भर सर्दियों से मोह था ... उसकी बदलती रोशनी, मद्धम रंग, और शांतिपूर्ण परिवर्तन से। बर्फ को अभाव या खालीपन की भावना से जोड़ने की बजाय उन्होंने उसे एक उज्ज्वलित सतह की नज़र से देखा जो रंगों की पूरी सीमा को दर्शाता था। सर्दियों पर आधारित उनके चित्रों में, सफेद रंग कभी भी पूरी तरह सफेद नहीं होता बल्कि वह अन्य रंग जैसे बैंगनी, नीले, गुलाबी और हल्के पीले रंग में ढला होता है जो सूरज कि रोशनी और इस मौसम के अनोखे वातावरण को बखूबी कैद करती है। 

मोने ने सर्दियों पर आधारित दर्जनों परिदृश्य बनाय, कई बार तो जमा देने वाले तापमान में घंटों बाहर रह कर। तुषार, धुंध और बर्फ में, रोशनी के बदलते रूप को खोजना और समझना उन्हें बेहद पसंद था, जिसकी वजह से साधारण से दिखने वाले गाँव और नदी के तट को वह अनुभव के चमकते अध्ययनों में तब्दील कर देते थे। उनके अनुसार सर्दियां प्रकृति को उसके मूल रूप में ले आती थी यानी रोशनी, हवा और बनावट, जो उन्हें शुद्ध एहसास से चित्र बनाने की अनुमति देता था। उज्जवल रंगों में चित्रित शांति के पल जैसे, उनके बर्फीले चित्र, ठहराव और अनस्थिरता के प्रतीक हैं।  

आज के इस चित्र में, विवध ब्रश्ट्रोक और सफेद, गुलाबी और नीले रंगों के सूक्ष्म स्पर्श का इस्तेमाल कर मोने परिदृश्य को ज़मीन, पेड़ और आकाश में बाँट देते हैं। इसके बावजूद यह अनेक तत्व आपस में अखंड प्रतीत होते हैं, जहाँ उनके आकार खुले स्केच जैसी आज़ादी को व्यक्त करते नज़र आते हैं। बाईं ओर चित्रित सिर्फ़ दो व्यक्ति इस चित्र में गहराई का एहसास देते हैं, जबकि दूसरी तरफ़ जोश भरे जीवंत ब्रश्ट्रोक ध्यान को स्वयं, चित्र बनाने की प्रक्रिया की ओर ले जाते हैं।

पुनश्च - सर्दियों की खूबसूरती को साल भर सरहाने—हमारे साप्ताहिक डेस्क कैलेंडर में, यहाँ मोने के बनाय बर्फीले चित्र और अन्य मास्टरपीस शामिल हैं, जो आपके मेज़ पर रखें बहुत अच्छे लगेंगे या किसी को उपहार के तौर पर देने के लिए भी। लेकिन ज़्यादा देर मत कीजिए हमारी सामग्री में सिर्फ़ कुछ ही पीस बाकी हैं।

पुनः पुनश्च - यह है मोने की सर्दियों पर आधारित सबसे प्रसिद्ध चित्र के पीछे की कहानी! अगर आपको उनके बनाय वाटर लिलीज़ यानी नीलकमल के चित्रों में दिलचस्पी है, तो गिवर्नी में स्तिथ मोने के शानदार बगीचे के बारे में और जानें!