आज सेंट पैट्रिक्स डे है, तो आइए इस दिवस को एक आयरिश चित्रकार की कृति के साथ मनाते हैं!
सर जॉन लैवरी (1856-1941) पोट्रेट एवं युद्धकालीन चित्र बनाने के लिए जाने जाते थे। महीनों तक लंदन में स्थित अपने घर के नवीकरण का निरीक्षण करने के बाद, 1921 के जनवरी में वह अपनी पत्नी हैज़ल लैवरी के साथ फ्रांस के दक्षिणी भाग की ओर गए। वहाँ उनकी भेंट उनके शिष्य विंस्टन स्पेंसर चर्चिल से हुई (जी हाँ, वही विंस्टन चर्चिल), जो संसद के दोबारा शुरू होने के पहले, फ्रांस के नीस शहर में अपनी पत्नी के साथ छुट्टी मनाने आए थे। "यहाँ का मौसम बेहद सुंदर है" यह शब्द लैवरी ने अपनी बेटी को लिखे, उन्होंने रिविएरा को एक स्वप्नलोक का दर्जा दिया, जिसका वर्णन उन्होंने मोरक्को के टैंजियर शहर के धूप भरे दिनों से भी बेहतर बताकर किया। इसके कुछ ही समय बाद उन्होंने "कैनवासेज ऑफ़ सनशाइन" बनाने शुरू किए।
यह यात्रा उनके लिए बेहद लाभदायक साबित हुई। लैवरी ने टैरेस के दृश्य, बोल्यू के पास तटीय नज़ारे, ला माला के सुनसान खाड़ी और कैप फ़ेरात पर विला सिल्विया के बगीचों के कई दृश्य चित्रित किए। उसी दौरान हेजल अपना समय लोगो से मिलने-झुलने में बिताती रही और आस पास घर किराए पे देखती रहीं। लैवरी अपने काम में जुटे रहे और समय से पहले आए उस साल की वसंत ऋतु को क़ैद करने में सफल रहे।
पुनश्च - वसंत ऋतु पर आधारित 10 प्रभाववादी चित्र यहाँ देखिए!