दो आदमियों के बीच एक मुलाक़ात, जहाँ दोनों को लगता है की दूसरा एक ऊँचे औदे पर है by Paul Klee - 1903 - 11.7 x 22.4 से. मी. दो आदमियों के बीच एक मुलाक़ात, जहाँ दोनों को लगता है की दूसरा एक ऊँचे औदे पर है by Paul Klee - 1903 - 11.7 x 22.4 से. मी.

दो आदमियों के बीच एक मुलाक़ात, जहाँ दोनों को लगता है की दूसरा एक ऊँचे औदे पर है

नक्काशी • 11.7 x 22.4 से. मी.

  • Paul Klee - December 18, 1879 - June 29, 1940 Paul Klee

    1903

"मेरी नक्काशी मूल रूप से : दो आदमियों के बीच एक मुलाक़ात को दर्शाती है, जहाँ दोनों को लगता है की दूसरा एक ऊँचे औदे पर है, जिसका नतीजा की वह एक दूसरे के सामने झुक के चलते हैं "(लिली स्टंप्फ को ख़त, म्यूनिक, 17 सितंबर 1903).

दो निर्वस्त्र आदमी मिलते हैं और झुक कर एक दूसरे को अभिवादन करते हैं। इस नग्न अवस्था के करण उनका यह जान पाना मुश्किल है की उन दोनों में से समाज में ऊँचे पद पर कोन है। इसके चलते वह एक दूसरे के सामने एक बनावटी विनम्रता दर्शाते हैं क्यूंकि उन्हें इस बात का इल्म नहीं है की सामने वाला किस राजतैनिक स्थान पर है। चित्र में दोनों के बालों और दाढ़ी के अंदाज़ को देखकर यह बताया जा सकता है की वह : प्रशिया के महाराजा विलहेल्म II और ऑस्ट्रिया के महाराजा फ़्रांस्ज़ जोसफ हैं। यह कोई राज नहीं है की पॉल क्ली इस चित्र मै दोनों रजाओ के बर्ताव का मज़ाक़ उड़ा रहे थे। लेकिन क्ले की दिलचस्पी केवल दो मशहूर राजाओं का मज़ाक़ उड़ाने में नहीं था, बल्कि वह तो समाज में चल रही बनावटी और दिखावटी रस्मों की आलोचना कर रहे थे।