समतल-तली वाली नाव के प्रसनन नाविक by George Caleb Bingham - १८४६ समतल-तली वाली नाव के प्रसनन नाविक by George Caleb Bingham - १८४६

समतल-तली वाली नाव के प्रसनन नाविक

कैनवास पर तेल चित्र •

  • George Caleb Bingham - March 20, 1811 - July 7, 1879 George Caleb Bingham

    १८४६

यह एक उत्सवपूर्ण और आमंत्रित करता हुआ दृश्य है—आठ पुरुष नदी के रास्ते बंदरगाह की ओर जाते हुए पानी पर बिताए जा रहे दिन का आनंद ले रहे हैं। उनकी समतल तली वाली नाव (फ्लैटबोट) विभिन्न व्यापारिक चौकियों से खरीदे गए सामान जेसे पशु-रोम और कंबलों से एकत्र कि ग है। यात्रा अपने अंतिम पड़ाव पर पहुँच चुकी है, और वे उत्सव मना रहे हैं; कुछ संगीत और नृत्य में मग्न हैं, अन्य नाव के डेक पर आराम कर रहे हैं। अमेरिकी चित्रकार जॉर्ज केलिब बिंघम उन्नीसवीं शताब्दी में महान नदीयों के किनारे दैनिक जीवन के ऐसे ही दृश्यों को चित्रित करने के लिए प्रसिद्ध थे।

मुख्यतः स्वशिक्षित कलाकार रहे बिंघम ने अपने कलात्मक जीवन की शुरुआत चित्र-प्रतिमाएँ (पोर्ट्रेट) बनाकर करी और अपने जीवनकाल में लगभग ५०० चित्र-प्रतिमाएँ तैयार किरीइसके बावजूद, वे सबसे अधिक अपने अमेरिकी सीमांत जीवन के दृश्यों के लिए जाने जाते हैं, जिनका उन्होंने स्वयं प्रत्यक्ष अनुभव किया था। उनका जनम मिसूरी में हुआ जहा उन्होंने अपनी पूरी ज़िन्दगी बिताई, लेकिन तीन वर्षों के लिए डसेलडॉर्फ में अमेरिकी कलाकारों के एक समुदाय के बीच में रहे। पश्चिमी सीमांत ने उनकी चित्रकला के लिए भरपूर विषय प्रदान किए जैसे लंबे नौके वाली नाव चलाने वाले नाविक, फर व्यापारी, शिकारी तथा अमेरिकी के मूल निवासी।

समतल-तली वाली नाव के प्रस नाविक उनकी सबसे प्रसिद्ध कृतियों में से एक बन गई। इसे अमेरिकन आर्ट यूनियन नामक सदस्यता-आधारित संस्था को बेचा गया, जो राष्ट्रीय कला को प्रोत्साहित करती थी, और १८४६ की वार्षिक प्रतियोगिता में इस संस्था के एक सदस्य को पुरस्कार स्वरूप प्रदान किया गया। अगले ही वर्ष इसकी १०,००० प्रतिकृतियाँ तैयार हुई और संस्था के सदस्यों में वितरित की गईं। यह चित्र अत्यंत लोकप्रिय हो गया, और इसने न केवल अनछुए पश्चिम और पश्चिम की ओर हो रहे विस्तार के आकर्षण को चित्रित किया, बल्कि साधारण लोगों को काम और मनोरंजन करते हुए दिखाकर लोकतांत्रिक भावना को भी सशक्त रूप से व्यक्त किया।

बिंघम, जिन्हें "मिसूरी के कलाकार" के नाम से भी जाना जाता था, अमेरिकी लोकतांत्रिक प्रक्रिया के प्रति गहरा उत्साह रखते थे। जीवन के बाद के वर्षों में उन्होंने चुनाव प्रचार और निर्वाचन पर केंद्रित चित्रों की एक श्रृंखला बनाई। उन्होंने केवल अपनी राजनीतिक मान्यताओं को कला में ही व्यक्त नहीं किया, बल्कि मिसूरी की राजनीति में सक्रिय भागीदारी भी की और कई निर्वाचित तथा मनोनीत पदों पर कार्य किया।

— मार्टिना कीओगन