क्लोद मोने परिदृश्य चित्रण के उस्ताद थे — यह बात एक तरफ़ से रूढ़िवादी लग सकती है, लेकिन यह पूरी तरह सच भी है! :)
1887 से 1890 के बीच, मोने ने अपने गिवेर्नी निवास से बहती एप्त नदी पर एक डोंगी (canoe) को केंद्र में रखकर कई चित्रों की शृंखला बनाई। इन चित्रों के लिए मॉडल बनीं स्यूज़ान और ब्लांश होशेड़े नामक बहनें। उनके पिता, बैंकर अर्नेस्ट होशेड़े—जो उस समय तक दिवंगत हो चुके थे—मोने के संरक्षक और कला-संग्राहक थे। इनकी माता ऐलिस बाद में मोने की दूसरी पत्नी बनीं। यह चित्र, ‘एप्त पर डोंगी’, मोने की उस रुचि को दर्शाता है जिसमें वे पानी की सतह पर पड़ने वाले प्रकाश के प्रभावों का अन्वेषण कर रहे थे। पेंट के मोटे अनुप्रयोग में ऐसे शुद्ध रंग शामिल हैं जो एक दूर की दृष्टि से देखने पर एक मिश्रित रूप से नज़र मे आते हैं। नदी की धारा की यह नज़दीकी, जो चित्र के निचले भाग को पूरी तरह से भर चुकि है, यह संकेत देती है कि मोने पौधों की परछाइयों के साथ-साथ जल की गहराई को भी चित्रित कर रहे थे। आकृतियों का धुंधलापन और डोंगी की फ्रेम के किनारे पर कटती हुई रचना—ये दोनों विशेषताएँ फोटोग्राफ़ी की दृश्य भाषा की ओर संकेत करती हैं, जो उस समय मोने के कार्यों पर स्पष्ट प्रभाव डाल रही थी। इसी के साथ चित्र की रचना में जापानी छपाई कला (ukiyo-e) का भी प्रभाव झलकता है, जो उन दिनों फ्रांस में बहुत प्रचलित थी।
पुनश्च: मोने को नदियों को चमकते हुए चित्रित करना बखूबी आता था। हमारे नवीनतम परिदृश्यों के 50 पोस्टकार्ड सेट में अधिक आश्चर्यजनक दृश्य देखें। क्या आपने इंहे देखा है? आप इंहे यहाँ पा सकते हैं! :)
पुनः पुनश्च: मोने की कलाकृतियाँ विषयवस्तु में अत्यंत विविध और रंगों में बेमिसाल हैं। देखिए — 10 चित्रों में क्लोद मोने की रंगीन दुनिया!