आज ही के दिन सन् 1593 में अर्तेमिसिया जेन्टिलेस्की का जन्म हुआ — जो इटैलियन बारोक कला की महानतम चित्रकारों में से एक थीं। उस दौर में जब महिलाओं को कला की शिक्षा या पेशेवर अवसर मुश्किल से मिलते थे, जेन्टिलेस्की ने बाधाएँ तोड़ दीं — वे फ्लोरेंस की ‘अकादेमिया डेल्ले आरटी डेल डिसेन्यो’ में प्रवेश पाने वाली पहली महिला बनीं और अपने लिए एक अंतर्राष्ट्रीय संरक्षकवर्ग प्राप्त किया। उनकी कई कृतियाँ पौराणिक, सांकेतिक या बाइबिल के स्त्रियों को दर्शाती हैं — जिनमें वे कभी पीड़िता तो कभी योद्धा या सहनशीलता और त्रासदी की सशक्त प्रतीक के रूप में उभरती हैं। आज पेश किया गया उन कृतियों में से यह एक चित्र!
आज के चित्र का विषय बाइबिल की ‘बुक ऑफ जजेज़’ से लिया गया है। यह उस नाटकीय क्षण को रचता है जब एक केनीत स्त्री याएल, कनानी सेनापति सीसरा को मारने का निर्णय लेती है — सीसरा वह सेनापति है, जिसे इज़राएलियों ने युद्ध में हराया था। अपनी हार के बाद सीसरा एक निकटवर्ती शिविर में भाग जाता है जहाँ याएल उसे आश्रय देती है और भोजन व छिपने का वादा करती है। जैसे ही सीसरा नींद में डूब जाता है, याएल एक तंबू की कील उसके कानपटी में गाड़ देती है — यह कृत्य अपनी साहसी और निर्णायक वीरता के लिए बाइबिल में विख्यात है।
मध्ययुग में याएल की कथा अक्सर जूडिथ, विनम्रता का प्रतीक, और वर्जिन मैरी जैसे स्त्री चरित्रों से जोड़ी जाती थी। जेन्टिलेस्की को साहित्य और धर्मग्रंथों में मौजूद सशक्त स्त्रियों के विषय बेहद प्रिय थे। उनकी व्यक्तिगत कहानी इन रचनाओं में एक और गहन अर्थ भर देती है — क्योंकि उनके गुरु अगोस्तीनो तास्सी को बाद में उनका बलात्कार करने का दोषी पाया गया था। दिलचस्प बात यह है कि सीसरा का चेहरा भी तास्सी से मिलता-जुलता है, जो रचना में एक गहन मनोवैज्ञानिक तत्व जोड़ता है।
पुनश्च: हाल के वर्षों में जेन्टिलेस्की की कला गुमनामी से बाहर निकली है और अब उचित पहचान प्राप्त कर रही है। आप उनकी कला से कितने परिचित हैं? जानने के लिए दीजिए यह ‘अर्तेमिसिया जेन्टिलेस्की’ प्रश्नोत्तरी!
पुनः पुनश्च: हमारी ‘महिला कलाकारों 50 पोस्टकार्ड सेट’ में अर्तेमिसिया की अन्य कृतियाँ भी शामिल हैं — आप इन्हें डेलीआर्ट शॉप में देख सकते हैं! 🙂