बेर्त मोरिज़ो एक अग्रणी फ्रांसीसी चित्रकार थीं और प्रभाववादी आंदोलन (इंप्रेशनिज़्म) की संस्थापक सदस्यों में से एक थीं। प्रसन्नचित, घरेलू जीवन, महिलाओं और बच्चों के प्रकाश-भरित और अंतरंग दृश्यों के लिए जानी जानेवाली मोरिज़ो ने 19वीं सदी की मुख्यतः पुरुष-प्रधान कला दुनिया में एक विशिष्ट स्त्री दृष्टिकोण प्रस्तुत किया। औपचारिक कला संस्थानों में महिलाओं पर लगे प्रतिबंधों के कारण उन्हें निजी रूप से प्रशिक्षण लेना पड़ा, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने एक साहसी और स्वतःस्फूर्त शैली विकसित की, जिसकी पहचान ढीले ब्रश स्ट्रोक्स और कोमल रंग-संयोजन से होती है।
घुटनों पर हाथ रखे बैठी यह महिला मानो अचानक दर्शक की ओर देखती है। उनकी सहज मुद्रा, आकस्मिक पोशाक और कलाकार से मिलती-जुलती आकृति यह संकेत देती है कि यह चित्र शायद बेर्त मोरिज़ो की बहन एडमा का हो सकता है। मोरिज़ो बहनों ने निजी कला प्रशिक्षण प्राप्त किया था, क्योंकि महिलाओं को फ्रांस की राज्य-प्रबंधित कला अकादमियों में 1897 तक प्रवेश नहीं मिल सकता था। हालांकि दोनों ने शिक्षा ली, लेकिन केवल बेर्त ने कला को पेशेवर रूप से अपनाया। वे प्रभाववाद की केन्द्रीय हस्तियों में थीं और 1874 में आयोजित पहली ऐतिहासिक प्रभाववादी प्रदर्शनी में भाग लेने वाली एकमात्र महिला थीं।
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पुनश्च: आज की कलाकार प्रभाववादी आंदोलन की सबसे प्रतिभाशाली चित्रकारों में से एक थीं।
देखिए — 5 पेंटिंग्स में बेर्त मोरिज़ो!