साल 1910 की गर्मियों से ही एगॉन शील कई बार क्रुमाउ गए (जो अब चेक गणराज्य में चेस्की क्रुमलोव के नाम से जाना जाता है)। मोलदाऊ नदी के किनारे बोहेमिया में स्तिथ, वह उनकी माँ का जन्म स्थान भी था। शहर के उपनगरों में ऊँची जगहों से नज़ारे देखने का उन्हें बहुत शोख़ था। शील ने अक्सर ऐसे परिप्रेक्ष्य ढूँडे जहाँ से वह पूरे नगर और उसके निवासियों का नज़ारा देख सकें, बिल्कुल एक पक्षी की तरह। हालाकि इस कृति का सटीक स्थान आज भी अनिश्चित माना जाता है, लेकिन माना जाता है की यह दृश्य, असली जगह और उनकी कल्पना का एक मिश्रण है, जो क्रुमाउ और उसके आस पास के क्षेत्रों से प्रभावित था।
इस चित्र में वह नगर, हरे-भरे और घने वृक्षों में सिमटा हुआ है। यहाँ रंग-बिरंगी सड़के विभिन व्यक्तियों के होने से जीवंत लगती है, जो अपने रोज़ मर्रा के कामों में व्यस्त नज़र आते हैं, यह ढंग शील के अन्य कृतियों से कुछ हटकर है। नगर की आपस में गुंथी हुई और ऐतिहासिक इमारतें, पुनर्जागरण शैली से बनी नज़र आती है, इस दृष्टि ने शील को बहुत मोहित किया और इसी कारण उनकी कृतियों में ऐसे नज़ारे अक्सर देखने को मिले।
हमे एगॉन शील का काम बेहद पसंद है! 2026 के साप्ताहिक डेस्क कैलेंडर में उन्हें शामिल करने से हम ख़ुद को नहीं रोक पाए। उनकी अपरिष्कृत भावनात्मक शैली और स्पष्ट रेखाएँ इस कैलेंडर के अन्य निर्मल मास्टरपीस के तुलना में एक विषमता जताती हैं, जो वाकई में इस कैलेंडर को अविस्मरणीय बनाता है। :)
पुनश्च - एगॉन शील की कृतियों में केवल विवादास्पद नग्न चित्र ही नहीं थे। देखिए शील के रहस्यमई नगरों के चित्र।