प्लीट्स एंड ट्रॉम्प-ल’ऑयल ऑब्जेक्ट्स by Charles Bouillon Flammant - 1704 - 81.5 x 107.5 से.मी. प्लीट्स एंड ट्रॉम्प-ल’ऑयल ऑब्जेक्ट्स by Charles Bouillon Flammant - 1704 - 81.5 x 107.5 से.मी.

प्लीट्स एंड ट्रॉम्प-ल’ऑयल ऑब्जेक्ट्स

कैनवास पर तेल • 81.5 x 107.5 से.मी.

  • Charles Bouillon Flammant - active Paris 1705 - 1707 Charles Bouillon Flammant

    1704

सदियों से चित्रकार अपनी कृतियों की छवि को वास्तविकता के करीब रखने में आकर्षित हुए हैं। प्रकाश और परिप्रेक्ष्य में परिवर्तन कर, चित्रित वस्तुओं को वास्तविक पेश करने की कला का वर्णन ग्रीस के प्राचीन लेखों में मौजूद है। उसी समय से, ट्रॉम्प-ल’ऑयल (trompe-l’œil) कला इतिहास में बार-बार सामने आई, जो आगे चलकर पुनर्जागरण तथा बारोक दौर में अपने चरम सीमा पर पहुँची। हालाकि इसकी लोकप्रियता, रूमानियत दौर में कम हुई, लेकिन यह पूरी तरह लुप्त नहीं हुई। 

आज के इस मास्टरपीस बनाने वाले चित्रकार के बारे में बहुत कम जानकारी उपलब्ध है। उनकी विशिष्ट हस्ताक्षर, बूयॉं फ्लामाँ, से अनुमान लगाया जाता है कि वह फ़्लैंडर्स से आए होंगे। माना जाता है की वह 18वीं सदी की शुरुआत में पेरिस चले गए और संभावना है कि ब्रसल्स और तुरनी के संघ में शामिल, उसी उपनाम वाले अन्य चित्रकारों से उनका संबंध हो। इस कलाकार की केवल तीन अन्य कृतियाँ ही जानी जाती हैं। 

आज विश्व डाक दिवस है - DailyArt पोस्टकार्ड  का उपयोग करके, हस्तलिखित नोट भेजने का यह बहतरीन अवसर है। हर एक कार्ड में एक छोटी सी कलाकृति है, जो किसी को आश्चर्य और ख़ुशी देने के लिय पूर्ण है या अपने मेज़ पर सजाने के लिए भी। 

पुनश्च - ट्रॉम्प-ल’ऑयल के बारे में और भी बातें जानें — कैसे चित्रकारों ने नज़रों का छल कर अद्भुत कृतियाँ रचीं!