जॉन-बर्नार्ड डूवीवियर एक चित्रकार थे जो पोट्रेट के साथ साथ ऐतिहासिक और धार्मिक विषयों पर चित्र बनाते थे। वह साथ ही किताबों के इलस्ट्रेटर भी थे और पेरिस के नार्मल स्कूल में एक प्रोफेसर भी। हूबर्ट, पॉल दे कॉक और जोसेफ़-बेनुआ सूवे जैसे कलाकारों से शिक्षा लेने के बाद, उन्होंने छः साल इटली में पढ़ाई करी। उनकी शैली की पहचान, संतुलित रचनाएं, वास्तविक चित्रण और जीवंत रंगों से होती है। वह मुख्यतः पोट्रेट बनाते थे और साथ ही ऐतिहासिक और धार्मिक दृश्य भी। 1811 में, डूवीवियर को नेपोलियन का इतिहास चित्रित करने का अवसर मिला, जो कि कई खंडों में पूरा हुआ।
परंतु डूवीवियर के बारे में सबसे रोचक बात यह ही की उनको बिल्लियों से बहुत लगाव था। उन्होंने चारकोल और रंगीन क्रेयॉन का इस्तेमाल कर, बिल्लियों पर आधारित कई चित्र बनाए, जो कि अधिकतम उनकी पालतू थीं। उनकी बनाई बिल्लियाँ बिल्कुल स्वाभाविक मुद्राओं में नज़र आती हैं। कितना सुंदर है ना यह प्यारा सा फर का गोला!
पुनश्च - क्या आपको भी बिल्लियों से लगाव है? देखिए दुनिया भर से 12 कैट म्यूजियम!