द यैलो स्केल by František Kupka  - 1907 - 78.74 x 74.3 से. मी. द यैलो स्केल by František Kupka  - 1907 - 78.74 x 74.3 से. मी.

द यैलो स्केल

कैनवास पर तेल • 78.74 x 74.3 से. मी.

  • František Kupka - September 23, 1871 - June 24, 1957 František Kupka

    1907

आज हम इस नए महीने की शुरुआत करते है, ह्यूस्टन के म्यूज़ियम ऑफ़ फाइन आर्ट्स के बेहतरीन संग्रहण से। चलिए रंगों और ऊर्जा  के साथ इस नए साल की शुरुआत करते है। 

फ़्रांटिशेक कुपका एक चेक चित्रकार एवं कलाकार थे, जो यथार्थवाद से आगे बढ़कर अमूर्त कला की तरफ़ बढ़े और ऑर्फ़िज्म जैसे आंदोलन के प्रवर्तक बने। हालाकि द यैलो स्केल  को एक सेल्फ पोर्ट्रेट करार देना उकसाने जैसा होगा, इस दिलचस्प चित्र का वास्तविक विषय स्वयं पीला रंग है। इस चित्र के विभिन्न पीले शेड, कुपका कि साहसी नज़र, एक हाथ में किताब और दूसरे में सिगरेट के साथ मिलकर इस कलाकार की शख़्सियत को एक अनोखा भाव देते हैं। कुपका एक विचित्र और संवेदनशील आदमी थे जिनको जीवन भर आध्यात्मिकता और रहस्यमय चीज़ों से सम्मोहन था। हालाकि उन्होंने कभी भी पूरी तरह प्राकृतिक प्रतिनिधित्व को नहीं छोड़ा, वह 20वी सदी के शुरुआती दौर में, अमूर्त कला के विस्तार में अग्रदूत रहे। रंगों के प्राकृतिक गुणों को कुपका ने दार्शनिक एवं वैज्ञानिक दृष्टि से देखा—खासकर कला पर उसकी एकता और कुल प्रभाव को। एक रंग से शुरुआत कर वह उसकी सीमा और गहराई तक जाते थे, जो उनके लिए आध्यामिकता के बराबर था। उनका मानना था की " एक चित्र का माहौल तब बनता है जब कैनवास को एक ही रंग से भर दिया जाए और इसी तरह एक व्यक्ति एतात दे'आमे  यानी अंदरूनी अवस्था पर पहुँचता है जो प्रकाशमय रूप से अमल होती है"

पुनश्च - फ़्रांटिशेक कुपका की अनोखी कृतियों के बारे में और जानें!