पॉल गोगां की स्ट्रीट इन ताहीती यानी ताहीती की एक गली, विभिन्न रंगों से भरपूर नज़र आती है, जो दक्षिण प्रशांत में "नए इडेन" यानी एक नए स्वर्ग को लेके उनकी कल्पना को कैद करती हैं। आधुनिक यूरोपियाई समाज के भ्रम से मुक्त होकर, अपनी कला को दोबारा जीवंत बनाने की उम्मीद में गोगां, 1891 में फ्रांस को पीछे छोड़ एक पवित्र, ज़्यादा प्राकृतिक जीवन की खोज में निकल पड़े। लेकिन ताहीती में अपने कदम रखने के बाद उन्हें एक ऐसी दुनिया मिली जो औपनिवेशिक शासन और मिशनरी प्रभाव के कारण पूरी तरह बदल चुकी थी। वास्तविकता से निराश होकर उन्होंने ताहीती जीवन का एक काल्पनिक चित्र बनाया, जो जितना काल्पनिक, उतना ही उनकी वास्तविक अनुभव से भी प्रभावित था, और साथ ही स्थानीय लोगों के साथ उनके समस्याग्रस्त एवं शोषक सबंधों को प्रकाशित करता है।
यह ताहीती का चित्र, जहाँ प्रमुख रूपरेखा, चपटे आकार और लयबद्ध, घुमावदार रेखाएँ जो उष्ण ऊर्जा से धड़क रही हैं, इस टापू की चमक और सघनता को बखूबी दिखाता है। तथापि इस शांतिपूर्ण सुंदर चित्र के पीछे अवसाद भरा अन्तर्भाव छुपा है: एक अकेला विचारमग्न व्यक्ति, और आकाश में छाए काले बादल, गोगां के अंदरूनी कष्ट एवं स्वर्ग की उनकी कल्पना और वास्तविक सच के बीच अन्तर के तनाव की ओर इशारा करते हैं।
पुनश्च - अब जब हम नए साल में कदम रख रहे हैं, तो इसी मौके पर आप चित्रों को गहराई से देखने की कला को क्यों नहीं निहारते? हमारा हाउ टू लुक ऐट आर्ट डिजिटल कोर्स आपको सही तरीके से चित्रों को देखना और सरहाना सिखाएगा, जो आपको बारीकियां और तकनीक देखने में मदद करता है जो आम तौर पर शायद नज़रों से चूक जाती हैं, और इस कला के ज़रिए आपका चित्रों को सरहाने का अनुभव और भी अनोखा हो जाएगा। सबसे अच्छी बात...यह कोर्स पूरी तरह मुफ्त है! आपको सिर्फ़ इसमें दाखिला लेना है और अपना थोड़ा सा समय देना है।
पुनः पुनश्च - इस सुंदर चित्र के निर्माता, कला के जगत में सबसे मनोहर विद्रोहियों में से एक थे। लेकिन आप उनकी कला को कितने अच्छे से जानते हैं? हमारे पॉल गोगां के क्विज़ को आज़माएँ! और अगर आपको अपनी याद ताज़ा करनी है तो देखिए गोगां की 10 पेंटिंग्स!