पीछे से दिखती हुई महिला by Viscount Onésipe-Gonsalve Aguado de Las Marismas - लगभग 1862 - 30.8 × 25.7 से.मी. पीछे से दिखती हुई महिला by Viscount Onésipe-Gonsalve Aguado de Las Marismas - लगभग 1862 - 30.8 × 25.7 से.मी.

पीछे से दिखती हुई महिला

काँच के नेगेटिव से तैयार साल्टेड पेपर प्रिंट • 30.8 × 25.7 से.मी.

  • Viscount Onésipe-Gonsalve Aguado de Las Marismas - May 9, 1830 - May 19, 1893 Viscount Onésipe-Gonsalve Aguado de Las Marismas

    लगभग 1862

एक धनी एवं शौकिया फोटोग्राफर और फ्रांस के शाही दरबार में एक जानी मानी हस्ती, विस्काउंट ओनेसीपे-गोंसाल्वे आगुआदो दे लास मारिस्मस, 1858 में सोसाइते फ्रांसेज दे फोटोग्राफी के सदस्य बने। अपने अधिक मशहूर भाई ओलिम्पे के साथ (जो सोसाइटी के संस्थापकों में से एक थे) वह फोटोग्राफिक विवर्धन के अग्र दूत थे। दोनों भाइयों ने साथ में टेब्ल्यू विवोंट्स  पर मिलकर काम किया, जो ऐसे स्थिर चित्र होते हैं जिनमे एक या एक से अधिक मॉडल या अभिनेता मौजूद होते हैं। जिसके चलते वह प्रत्युत्पन्नमति और मज़ाकिया दृश्य बनाते थे जो उस दौर की प्रचलित समुदाय की शैली और मनोरंजन को दर्शाती हैं। 

यह पहेलीनुमा दृश्य एक पोर्ट्रेट और एक फ़ैशन स्टेटमेंट के साथ-साथ एक मज़ाकिया दृश्य का भी काम करता है। इसमें आगुआदो की प्रसन्नचित्त और कल्पनाशील भाव व्यक्त होती है और शायद अग्रसंक्षेपण के साथ उनके परीक्षण को भी दर्शाती है। विशेषकर रूप से सामान्य और उथला नज़र आता यह दृश्य, एक ऐसे व्यक्ति को दर्शाता है जो मानो कागज़ की आकृति या छाया चित्र हो। यह कृति कैस्पर डेविड फ़्रीड्रिख और रेने माग्रिट जैसे कलाकारों की याद दिलाता हैं, जिन्होंने अक्सर पीठ की और से दिखने वाली आकृतियों का इस्तेमाल, रहस्य और आत्मविश्लेषण के लिए किया। 

पुनश्च - शुरुआती फोटोग्राफर इस नए माध्यम के साथ विभिन्न प्रकार के प्रयोग करने के शौकीन थे। 19वी सदी के लंदन में विवादास्पद और क्षणिक चलन विक्टोरियन स्पिरिट फोटोग्राफी के बारे में और जानिए!