यह चित्र कार्वाजियो के प्रारंभिक वर्षों की है, जब वह रोम से मिलान आए। इस चित्र में मॉडल के तौर पर दिखने वाले व्यक्ति उनके मित्र, सिसिलियन चित्रकार मारियो मिन्निटी हैं, जो यहाँ युवा अवस्था में चित्रित हुए हैं। यह कृति आगे चलकर कलाकार गुईसेप सिज़ारी के संग्रहण में जुड़ी परंतु 1607 में इसे सीपीयोने बोर्गेसे द्वारा जब्त कर लिया गया। इस संपर्क के कारण माना जाता है की कार्वाजियो ने यह चित्र तब बनाया होगा जब वह सिज़ारी के कार्यशाला में काम कर रहे थे। कहा जाता है की उनको वहाँ फूल और फलों के चित्र बनाने के लिए नियुक्त किया गया था, संभव है की यह उसके कुछ समय बाद की भी हो जब स्वयं वह और मिन्निटी स्टूडियो को पीछे छोड़ अपने निजी व्यवसाय की ओर चल पड़े।
यह कृति एक युवा फल विक्रेता पर केंद्रित है जिसको अंगूर, सेब और ताज़ी कटी हुई पत्तियों भरी एक टोकरी पकड़े दिखाया गया है। ऊपर बाई ओर से आती रोशनी उसके चेहरे, कंधे और समृद्ध रंगों वाले फलों को रोशन करती है जबकि गहरे रंग की परछाइयाँ उसके बालों और उसके पीछे की दीवार को स्पष्ट करती हैं। प्रकाश और परछाई की यह विषमता इस चित्र में वस्तुओं की भौतिक उपस्थिति को और भी बढ़ा देता है और इस चित्र में एक स्पर्शनीय तात्कालिकता लेकर आता है।
प्रकृति को आदर्श रूप में प्रस्तुत करने की बजाय कार्वाजियो उसे निष्कपटता से दिखाते हैं— फलों में दाग दिखाई देते हैं, पत्ते फीके एवं मूंड़े हुए दिखाई देते हैं, और लड़के की छवी एकदम वास्तविक दिखाई देती है। विद्वानों ने इस दृष्टिकोण को 16वी सदी के अंत में उभरी, सूक्ष्म अवलोकन की भावना से जोड़ा है, जो गैलिलियो गैलिली जैसे वैज्ञानिकों द्वारा प्रकृति के अनुभवजन्य अध्ययन के समान है। कुछ लोगों का तो यह भी सुझाव है की यह युवक, रोमन देवता वर्टूमनस की ओर इशारा करता है जिन्हें बगीचों और प्रचुरता से जोड़ा जाता है। यह दृष्टिकोण इस रोज़मर्रा दृश्य को एक गहरी शास्त्रीय परंपरा से जोड़ता है।
पुनश्च - आप ऐसे और अन्य प्रतिष्ठित कृतियाँ हमारे ग्रेट मास्टरपीस 50 पोस्टकार्ड सेट में देख सकते हैं, यह कला इतिहास के कुछ सबसे प्रसिद्ध कृतियों का खास संग्रह है।
पुनः पुनश्च - कार्वाजियो के 10 बेहतरीन कृतियों के ज़रिए और करीब से जाने!