1919 में चित्रित यह चमकता परिदृश्य मायोर्का के पूर्वी तट पर स्तिथ वॉल्डेमोसा के सा कोमा के आलीशान रियासत को दर्शाता है। कैटलन चित्रकार सांतियागो रूसीनियोल ने यह द्वीप पहली बार 1899 में खोजा था जब वह अपनी बीमारी से उभरने के लिए यहाँ चले आए। इस अनुभव ने उनपर एक गहरा असर छोड़ा। मायोर्का जल्द ही इस चित्रकार के लिए एक आवर्ती गंतव्य बन गया, जो इसके बगीचे और ग्रामीण क्षेत्रों की सैर करते हुए उस स्थान के भाव को गहरे एवं गुंजायमान रंगों की पट्टिका में कैद करते थे। आगे चलकर उन्होंने इस द्वीप को "आइलैंड ऑफ़ ट्रैंक्विलिटी" यानी प्रशांति का द्वीप कहा और 1922 में प्रकाशित अपनी किताब को भी यही नाम दिया।
रूसीनियोल कैटलन आधुनिकतावाद के एक मुख्य पात्र रहे और कलात्मक सभा स्थल एल्स क्वात्र गाट्स के संस्थापकों में भी एक। उन्होंने कई जगहों की यात्रा की और काफ़ी समए पेरिस में भी बिताया परंतु मायोर्का उनके लिए हमेशा प्रेरणा का महानतम स्रोत रहा। इस द्वीप के चित्र, ख़ासकर इसके बगीचे और शांत परिदृश्य उनके जीवन के सबसे बेहतरीन कामों में से एक थे।
समय के चलते, रूसीनियोल ने लोगों से भरे दृश्यों को छोड़ प्रकृति कि शांत सुंदरता पर ज़्यादा ध्यान केंद्रित किया। स्पेन भर में विभिन्न स्थानों के उनके द्वारा चित्रित दृश्य प्रसिद्ध एवं पहचान योग्य दृश्य बन गए। मयोर्का से उनके गहरे संबंध की मान्यता में, पाल्मा शहर ने 1935 में उनके सम्मान में एक स्मारक खड़ा किया और उस कलाकार का उत्सव मनाया, जिसने आधुनिकतावाद कला से इस द्वीप के कवियात्मक छवि को रूप दिया।
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