लाइलैक के फूल लिए महिला (नीनी लोपेज का पोर्ट्रेट) by Pierre-Auguste Renoir - 1876-1877 - 71.1 x 58.4 से.मी. लाइलैक के फूल लिए महिला (नीनी लोपेज का पोर्ट्रेट) by Pierre-Auguste Renoir - 1876-1877 - 71.1 x 58.4 से.मी.

लाइलैक के फूल लिए महिला (नीनी लोपेज का पोर्ट्रेट)

कैनवास पर तेल • 71.1 x 58.4 से.मी.

  • Pierre-Auguste Renoir - February 25, 1841 - December 3, 1919 Pierre-Auguste Renoir

    1876-1877

आज का यह चित्र फ़्रांसीसी प्रभाववाद के भाव और उसके सार को क़ैद करता है। रेनुआर के कलात्मक जीवन के सर्वोच्च क्षण पर बनाया गया यह चित्र, आधुनिक युग के लिए पोर्ट्रेट चित्र को एक नया रूप देती है। इसमें एक युवा महिला, नीनी लोपेज (जो उस समय रेनुआर की प्रिय मॉडल में से एक थीं) को एक विचारशील अवस्था में डूबा, दिखाया गया है, उनके हाथों में लाइलैक फूलों का गुलदस्था है जिसकी कोमलता और चमक उनके युवा उपस्थिति को दर्शाती है। 

जीवन भर, पोर्ट्रेट चित्र रेनुआर के कार्य का अहम हिस्सा रहे, परंतु 1870 के दशक में वह विशेष रूप से महत्वपूर्ण हुए। इस दशक में, उन्होंने महिला को आधुनिक जीवन के साथ-साथ पेरिस के अभिजात वर्ग द्वारा अधिकृत पोर्ट्रेट में चित्रित किया। 1878 तक, कैमिले पिसारो ने उन्हें पेरिस के प्रमुख पोर्ट्रेट चित्रकार के रूप में वर्णित किया, और आलोचकों ने उस शैली में उनके विशिष्ट योगदान को मान्यता दी। 

अपने चित्रों में मॉडल के लिए, रेनुआर ने अक्सर मॉनमात्र में रहने वाली, अपने ही परिवेश की महिलाओं को चुना—जैसे धोबिन, दर्ज़िन, महिला टोपी विक्रेता, और कलाकारों की मॉडल। इन सभी को वह अपने चित्रों में सुरुचिपूर्ण पेरिस की महिलाओं में बदलने में सफल रहे। नीनी लोपेज नारी सौंदर्य के उनके आदर्श का सटीक उदाहरण थीं। हालांकि उनके निजी जीवन के बारे में ज़्यादा जानकारी नहीं मिलती है, समकालीन व्यक्तियों के अनुसार वह सुनहरे बाल एवं आकर्षक लक्षण लिए एक विवकेशील और विश्वसनीय महिला थीं। वह पहली बार 1874 में रेनुआर की कृति में दिखीं और आगे उनके अनेक चित्रों के लिए पोज़ करती रहीं, ख़ासकर जब रेनुआर ने अपना कार्यालय, रू कोर्तो में स्थानांतरित किया, तब उनके सबसे प्रसिद्ध रचनाओं जैसे, ला लॉज और बाल दु मौलिन दे ला गालेट, में वह एक अहम उपस्थिति थीं। 

पुनश्च - रेनुआर की एक और प्रेरणा स्त्रोत: लिज़ त्रेहो, रेनुआर के चित्रों की रहस्यमई सुंदरी की कहानी को पढ़िए!