आज ही के दिन 1866 में, बच्चों की दुनिया की सबसे प्रिय लेखिकाओं और चित्रकारों में से एक, बीट्रिक्स पॉटर का जन्म हुआ था। द टेल ऑफ़ पीटर रैबिट और अन्य कई पशु पात्रों की रचना के लिए प्रसिद्ध पॉटर ने बाल साहित्य को हमेशा के लिए परिवर्तित कर दिया। अपनी साहित्यिक उपलब्धियों के परे, वह एक सम्मानित प्रकृतिवाद, एक सम्पन्न कवकविज्ञानी, और एक पथप्रदर्शक संरक्षणकर्ता भी थीं, जिनके अनेक प्रयास के कारण इंग्लैंड के लेक डिस्ट्रिक्ट के बड़े हिस्से, आने वाली पीढ़ी के लिए सुरक्षित रह सके।
आज का चित्र द टेलर ऑफ़ ग्लॉस्टर से लिया गया है, जो पॉटर की अपनी किताबों में सबसे पसंदीदा है। ग्लॉस्टरशायर की उन कहानियों से प्रेरित जो उन्होंने अपने रिश्तेदारों के यहाँ सुनी थी, पॉटर ने वह किताब उस पर आधारित करी, जहाँ एक निर्धन दर्जी को परिश्रमी चूहों के समूह से अप्रत्याशित सहायता मिलती है। इस मनमोहक दृश्य में यह नन्हे चूहे मोमबत्ती की रोशनी में कर्मठतापूर्वक सिलाई कर शानदार वस्त्र तैयार कर रहे हैं और वहीं उनका मानव उपकारी, गहरी नींद में सो रहा है। पॉटर की बारीकियों पर पकड़ हर टाँके, हर धागे की रील, और कपड़ो की ध्यानपूर्वक बनावट में दिखाई देती है। जो उनकी कलात्मक योग्यता और साथ ही पशुओं के लघु संसार को लेकर उनके सम्मोहन को दर्शाता है।
ग्लॉस्टर के वास्तविक जगहों से प्रेरित और ऐतिहासिक वस्त्रों के अध्ययन पर आधारित, यह जलरंग एक अनोखा आकर्षण हैं। नन्हे कपड़े पहने यह परिश्रमी चूहे अपने कार्य में मगन उस आत्मीयता, भाव, और कल्पना को सम्मिलित करते हैं जिसने पुस्तक के प्रकाशन के सौ से भी अधिक वर्षों बाद, आज भी पाठकों को प्रसन्न कर रखा है। 🐭 यह प्यारा नन्हा चूहा हमारे नए वूमेन आर्टिस्ट्स वॉल.2: 50 पोस्टकार्ड सेट में भी शामिल है। :)
पुनश्च - बीट्रिस पॉटर के चित्रों की अद्भुत दुनिया को देखिए!