काँच के फूलदान में फूलों का स्थिर वस्तु चित्र by Jan Davidsz de Heem - 1650–1683 - 54.5 x 36.5 से.मी. काँच के फूलदान में फूलों का स्थिर वस्तु चित्र by Jan Davidsz de Heem - 1650–1683 - 54.5 x 36.5 से.मी.

काँच के फूलदान में फूलों का स्थिर वस्तु चित्र

ताम्र पर तेल • 54.5 x 36.5 से.मी.

  • Jan Davidsz de Heem - c. 17 April 1606 - before 26 April 1684 Jan Davidsz de Heem

    1650–1683

पहली नज़र में यह सुंदर लेकिन एक साधारण फूलों का गुलदस्ता नज़र आता है ... परंतु यहाँ बहुत कुछ और भी है! फूलों के अलावा, हम अन्य कई छोटे-छोटे जीव जंतु चित्र के ऊपर मँडराते देखते हैं। नीचे दाईं ओर एक घोंघा और ऊपर बाईं ओर एक तितली, एनामोंन के फूल की डाली पर एक कैटरपिलर और दाईं और जाले के धागे से लटकती हुई एक मकड़ी दिखाई देती हैं। लेकिन जो चीज़ तुरंत हमारा ध्यान खींच लेती हैं वह बगीचे का घोंघा और बीच में गुलाब की पंखुड़ियों पर चढ़ती हुई छोटी चीटियाँ हैं, यह इस चित्र का एक ऐसा तत्व है जो इस रचना को जीवंत बना देता है। इन वास्तविक जीव जंतुओं को दृश्य में चित्रित कर, कलाकार इस गुलदस्ते को एक जीवित वस्तु में परिवर्तित कर देते हैं। यह केवल एक स्थिर फूलों का गुलदस्ता ही नहीं परंतु इसके चारों ओर जीवन मौजूद है। फूलों की ख़ुशबू जैसे इन छोटे जीवों को अपनी ओर आकर्षित कर रही हो। 

युतरेख्त में जन्मे जान डेविड्ज़. दे हीम 1636 में एंटवर्प में जा बसे। वहाँ फ्लेमिश उस्तादों के प्रभाव में उन्होंने भव्य स्थिर वस्तु चित्र एवं फूलों के हार के चित्र बनाने में दक्षता हासिल करी। हालांकि बारीकियों पर ध्यान देने की कला उन्होंने अपने युतरेख्त के शिक्षक, बालथज़ार वैन दर अस्त से सीखी, परंतु उल्लास और रंगों की समृद्धि ज़्यादातर फ्लेमिश कला की विशेषताएँ हैं। 

यह एम्स्टरडैम के राइकम्यूजियम के फूलदार स्थिर वस्तु चित्रों के खास महीने का आखरी हफ़्ता है! ऐसे खास अवसर पर, हमारे ऐप एवं सोशल मीडिया चैनल पर हम म्यूज़ियम के संग्रहण पर खास ध्यान देंगे। आशा है आपको यह पसंद आया। :)

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पुनः पुनश्च - छोटे-छोटे जीव जंतु कई कला-कृतियों में छिपे मिलते हैं! पुराने चित्रों में छिपे इन रेंगने वाले छोटे जीवों के बारे में यहाँ जानिए!