बुल्फ़िंच पक्षियों के साथ शीतकालीन परिदृश्य by Bruno Liljefors - 1891 - 40 x 50 से. मी. बुल्फ़िंच पक्षियों के साथ शीतकालीन परिदृश्य by Bruno Liljefors - 1891 - 40 x 50 से. मी.

बुल्फ़िंच पक्षियों के साथ शीतकालीन परिदृश्य

कैनवास पर तेल • 40 x 50 से. मी.

  • Bruno Liljefors - 14 May 1860 - 18 December 1939 Bruno Liljefors

    1891

ब्रूनो लिलियेफोर्स स्वीडन के चित्रकार थे, जो प्रकृति और वन्य-जीव के नाटकीय वर्णन के लिए जाने जाते थे। 19वी सदी और पूर्व 20वी सदी में स्वीडन में, जानवर संबंधित चित्र बनाने वाले कलाकारों में वह सबसे प्रभावशाली माने जाते हैं। लिलियेफोर्स, शिकारी और शिकार के बीच के तनाव को यथार्थवाद और काव्यात्मक तत्वों के मिश्रण को बखूबी पेश करते हैं। उन्होंने सिलसिलेवार कहानियों के साथ भी परीक्षण किया, जिसके चलते वह स्वीडन के प्रारंभिक कॉमिक चित्रकारों में से एक रहे। 

लिलियेफोर्स का निजी जीवन काफ़ी अशांति से भरा था (उनकी दो बार शादी हुई और दोनों बार अपनी बहनों से) और यही अस्थिरता आगे चलके शायद उनके कृतियों में, उदासी भरे भाव का कारण भी बनी। जीवन भर एक शिकारी होने के नाते उनका प्रकृति से एक गहरा रिश्ता था, जिसके चलते उन्होंने कई ऐसे दृश्य चित्रित किए जिसमे लोमड़ियाँ खरगोशों का पीछा कर रही होती है, छील ईडर बत्तख़ को उड़ा ले जाति है और बाज काले तीतर पर प्रहार करता हुआ दिखता है। वन्य-जीव पर उनके चित्र भावुकता से दूर रहते हैं, वह ना तो हिंसा की बढ़ाई करते हैं और ना ही शिकार पर तरस खाते हैं, बल्कि प्रकृति के नियमों को ईमानदारी और सम्मान के साथ दर्शाते हैं। 

प्रभाववाद, जापानी कला और आगे चलकर आर्ट नोव्यू से प्रेरित होकर, लिलियेफोर्स ने प्रकाश, पैटर्न और चलन को लेके एक परिष्कृत समझ को विक्कसित किया। कई दफ़ा उनके चित्रों में सूरज की रोशनी पानी पर गिरके इस तरह तरंग बनाती है जिसका आकार इतना उज्जवल होता है की उसको "पैंटरफ़ेलेन"  (तेंदुए की खाल) का नाम दिया गया। 

लिलियेफोर्स अक्सर जीवित जानवरों को मॉडल के तौर पर रखते थे जैसे लोमड़ियाँ, उल्लू, चील और खरगोश। जिन्हें वह बड़ी बारीकी और संवेदनशीलता से परखते थे। जानवरों को उन्हीं के अंदाज़ और माहौल में पूरी तरह एकीकृत करके दिखाना उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि रहेगी। 

पुनश्च - नए साल को कला के बिना यूँ ही निकल जाने ना दीजिए! DailyArt कैलेंडर अभी भी उपलब्ध हैं ( लेकिन स्टॉक सीमित है )। 2026 के हर दिन में कला की सुंदरता लाइए। 

पुनः पुनश्च - प्राचीन इतिहास से लेकर वर्तमान तक, पक्षी—चित्र, प्रिंट, धातु, मृतकला एवं पूरे कमरों में नज़र आए हैं! बर्डस इन आर्ट को यहाँ ज़रूर देखें!