साँझ by Carl Moll - 1902 - 56 × 50.5 से.मी. साँझ by Carl Moll - 1902 - 56 × 50.5 से.मी.

साँझ

कैनवास पर तेल • 56 × 50.5 से.मी.

  • Carl Moll - 23 April 1861 - 12 April 1945 Carl Moll

    1902

आज रविवार है तो हम विएना के लियोपोल्ड म्यूजियम के साथ हमारी खास साझेदारी जारी रख रहे हैं। आज मई का आखरी दिन भी है; उम्मीद है की यह महीना आपके लिए सुखदाई रहा। इस चित्र का आनंद लीजिए! :)

जैसा की कार्ल मॉल कई बार अपनी कृतियों में करते आएँ हैं, यहाँ भी उन्होंने परिदृश्य को एक रूपांकन के तौर पर चुना है। शाम ढल रही है, आकाश का रंग बदल रहा है और ढलते सूरज की लाल चमक अभी भी फैली हुई है। मॉल एक जलस्रोत के किनारे खड़े, दूसरी ओर स्थित तटरेखा पर एक पेड़ को देख तहे थे। हल्की होती रोशनी पेड़ और आसपास की वनस्पति को गहरे रंग में ढक देती हैं, और साथ ही बीच के कुछ हिस्से शुभ्र रंगों की क्षैतिज रेखाओं से चित्रित नज़र आते हैं। पानी पर पेड़ का प्रतिबिंब, लहरों की हलचल से धुंधली होता दिखता है, और रूपरेखाएँ घुलती हुई प्रतीत होती हैं। 

पुनश्च - परिवर्तन और ढलती रोशनी के काव्यात्मक भाव का प्रतिरूप जे.एम.डबल्यू. टर्नर द्वारा चित्रित द फाइटिंग टेमरेयर  के हमारे इस बेहतरीन प्रिंट में देखने को मिलता है, जहाँ एक ऐतिहासिक जहाज़ की अंतिम यात्रा को उज्जवल एवं भावपूर्ण विदाई में चित्रित किया गया है। इसे हमारे DailyArt शॉप पर इसे ज़रूर देखिए!

पुनः पुनश्च - अगले हफ़्ते के लिए अपनी ऊर्जा को तरोताज़ा कीजिए इन 10 बेहतरीन साँझ के चित्रों से!