संत यूहन्ना बपतिस्मा का शिरश्छेदना by  Caravaggio - 1608 - 361 × 520 से.मी. संत यूहन्ना बपतिस्मा का शिरश्छेदना by  Caravaggio - 1608 - 361 × 520 से.मी.

संत यूहन्ना बपतिस्मा का शिरश्छेदना

कैनवास पर तेल • 361 × 520 से.मी.

  • Caravaggio - 29 September 1571 - 18 July? 1610 Caravaggio

    1608

1608 में यह चित्र तब पूरा हुआ जब कार्वाजियो माल्टा में ठहरे थे, द बीहेडिंग ऑफ़ सैंट जॉन द बैप्टिस्ट  यानी संत यूहन्ना बपतिस्मा का शिरश्छेदना, माल्टा के नाइटस द्वारा एक वेदी पट के तौर पर अधिकृत किया गया था। इसका आकार विशाल है! इस चित्रकार द्वारा बनाई गई यह सबसे बड़ी कृति है और आज भी सैंट जॉन्स को-कैथेड्रल में दिखाई देती है, जिस चर्च के लिए यह बनाया गया था। उस समय कार्वाजियो को उस संघ में शामिल भी किया गया और उन्होंने नाईट यानी एक शूरवीर के रूप में कुछ समय के लिए सेवा भी की। 

हालांकि नाइटस के साथ उनका यह संबंध बेहद क्षणिक रहा। यह चित्र बनाने के कुछ समय बाद उन्हें एक अज्ञात अपराध के लिए क़ैद कर लिया गया, लेकिन वह वहाँ से भाग निकले और फिर एक बार पलायक बन गए। अपने प्रवेशन के लगभग छह महीने बाद, उस संघ ने उन्हें औपचारिक रूप से निर्वासित कर दिया, और उन्हें एक " भ्रष्ट और नीच सदस्य " कहा। यह मान्यता है की उनके पदच्युत होने का समारोह ऑरेटरी यानी प्रार्थ कक्ष में ही हुआ था—बिल्कुल इसी चित्र के सामने।  

कार्वाजियो इस विषय पर कई बार लौटे और सलोम विथ द हेड ऑफ़ जॉन द बैप्टिस्ट  जैसी कृतियाँ बनाई, जो वर्तमान में लंदन और मैड्रिड में पाई जाति हैं। कुछ विद्वानों द्वारा यह भी माना जाता है कि बाद में बनाई गई इन चित्रों में से कोई एक चित्र, ग्रैंड मास्टर एलोफ़ डे विन्याकुर को समन्वय के तौर पर भेजा गया था, हालांकि इस बात का कोई ठोस सबूत नही मिलता है। 

गुज़रते सदियों के दौरान यह चित्र भी स्वयं क्षतिग्रस्त हो गया था लेकिन 1950 के दशक में इसके संरक्षण और पुनर्नवीकरण की प्रक्रिया शुरू हुई। इस प्रक्रिया के दौरान, दर्शकों ने एक अद्भुत विवरण की पुनः प्राप्ति की जहाँ, कार्वाजियो ने अपना हस्ताक्षर संत यूहन्ना के घाव से बहते रक्त में लिखा था—"एफ. मिकेलांग.ओ," जो संघ में उनके संक्षिप्त सदस्यता की और इशारा करता है। इस विचित्र हस्ताक्षर को चित्रकार के व्यक्तिगत संदेश के रूप में भी देखा जाता है, जिनका ख़ुद का निजी जीवन उस समय हिंसा, निर्वासन और अनिश्चितता से भरा हुआ था। 

एक और बात–आज का दिन ईसाई परंपरा में संत यूहन्ना बपतिस्मा के जन्मोत्सव के तौर पर मनाया जाता है। :)

अब कल्पना कीजिए की आप इस मास्टरपीस को वास्तव में देखें और अपनी पहली प्रतिक्रियाएं तथा भावनाएँ तुरंत लिख सकें। हमारे हैंडक्राफ़्टेड आर्ट जर्नल्स, कला संबधित इन व्यक्तिगत अनुभव को संरक्षित करने में आपकी मदद करेंगे। 

पुनश्च - इतिहास के सबसे प्रसिद्ध चित्रकारों में से एक कार्वाजियो के 10 मास्टरपीस को ज़रूर देखिए!