एलिज़ा पारेंस्का का पोर्ट्रेट by Witold Wojtkiewicz - 1906 - 67 x 69 से.मी. एलिज़ा पारेंस्का का पोर्ट्रेट by Witold Wojtkiewicz - 1906 - 67 x 69 से.मी.

एलिज़ा पारेंस्का का पोर्ट्रेट

कैनवास पर तेल • 67 x 69 से.मी.

  • Witold Wojtkiewicz - 29 December 1879 - Warsaw – 14 June 1909 Witold Wojtkiewicz

    1906

बेहद आत्मीय और उल्लेखनीय रूप से मौलिक, पॉलिश चित्रकार विटोल्ड वॉइटकेविच की कला परिपक्वता पर तब पहुँची जब 20वी सदी के शुरुआती सालों में उन्होंने कुछ साल क्राकोव में बिताए। वह 1904 में क्राकोव के अकादमी ऑफ़ फाइन आर्ट्स में पढ़ाई करने आए, हालांकि वह कक्षा में नियमित रूप से नहीं जाते थे। उनकी कलात्मक विकास दरअसल शहर के जीवंत सांस्कृतिक माहौल की वजह से ज़्यादा हुई। वॉइटकेविच नियमित तौर, पर एलिज़ा पारेंशका के साहित्य और कला सैलून के अतिथि बन गए, जिनका घर क्राकोव के बौद्धिक एवं कलात्मक अभिजात वर्ग का सभा स्थल था। लेखक, चित्रकार, संगीतकार, चिकित्सक, और दार्शनिक सब वहाँ मिल, कला और साहित्य की नई योजनाओं पर चर्चा करते थे। पारेंशका, युवा प्रतिभावान व्यक्तियों की सहायता करने के लिए जानी जाति थीं, वह उनकी कृतियों को ख़रीदती थीं और उन्हें शहर के सांस्कृतिक दुनिया से परिचित करवाती थीं। 

वॉइटकेविच जल्द ही उनके पसंदीदा लोगों में से एक बन गए। वह अपनी बुद्धि; हल्के एवं व्यंग्यात्मक विनोदिता; और अति संवेदनशील, आत्मविश्लेषी व्यक्तित्व के लिए जाने जाते थे। पारेंशका में उन्हे एक सचेत सहायक एवं मित्र मिली। उनके साथ काफ़ी समय बिताने के बाद उन्होंने आख़िरकार जाके पारेंशका का यह पोर्ट्रेट बनाया, जिसमे यह खूबसूरत महिला अपने सैलून के अंदर बैठी चित्रित हुई है। यह चित्र खास इस वजह से भी लगता है की इसमें रंगों का इस्तेमाल खुले और आज़ाद ढंग से हुआ है— रंगों के चौड़े धब्बे और बहती हुई ब्रश स्ट्रोक, जिससे धीरे-धीरे उनका चेहरा और शरीर उभरकर सामने आता है। लाल और भूरे रंगों से घिरा पारेंशका का भावात्मक चेहरा, जीवंत बुद्धिमत्ता और शांति दोनों का संकेत देता है और साथ ही उसमे एक अपनापन भी झलकता है। उनकी गहरी नज़र तुरंत दर्शक का ध्यान खींचती हैं। 

पुनश्च - उसी जमाने में क्राकोव के एक और प्रतिभावान चित्रकार से मिलिए—यह हैं ओल्गा बोज़नांसका के 10 मास्टरपीस!