जॉर्जियाना हॉटन एक ब्रिटिश कलाकार, आध्यात्मिक माध्यम, और अमूर्त कला की सबसे शुरुआती अग्रदूतों में से एक थीं। हालांकि एक सदी से भी अधिक समय के लिए उन्हें भुला दिया गया था, आज उन्हें एक बेहद प्रगतिशील कलाकार के रूप में पहचाना जाता है, जिनकी कृतियाँ वासीली कैडिंस्की और हिल्मा आफ क्लिंट जैसे कलाकारों से कई दशक पहले ही गैर प्रतिनिधित्ववादी अमूर्त कला की दिशा का संकेत दे चुकी थीं।
हॉटन का विश्वास था की चित्र बनाने की प्रक्रिया में आत्माएँ उनके हाथों का मार्गदर्शन करती थीं। स्वयं ख़ुद को अपनी रचनाओं का एकमात्र निर्माता मानने की बजाय उन्होंने ख़ुद को एक ऐसे माध्यम के रूप में वर्णित किया जिसके द्वारा आत्माएँ—जिनमे उनके मृत रिश्तेदार, देवदूत और यहाँ तक की पुराने उस्ताद कलाकार भी शामिल थे—दृश्य रूप में संवाद करती थीं। 1871 में आयोजित उनके प्रदर्शनी में, कृत्यों के श्रेय में लिखा गया की वह "उनकी मध्यमता द्वारा निर्मित" है, जो इस कलाकार और आत्मा के बीच सहयोगपूर्ण रिश्ते पर ज़ोर देती है। उनके अन्य कई चित्रों की तरह, दी ऑय ऑफ़ गॉड भी पारंपरिक प्रतिनिधित्व को छोड़कर रंग, रेखा और प्रतीकात्मक रूपों के जटिल जाल को अपनाता है। यह चित्र ईश्वर को शाब्दिक रूप में दर्शाने का प्रयास नहीं करता है। यह अमूर्तता के आविष्कार से पहले की शुद्ध अमूर्त कला है।
पुनश्च - हिल्मा आफ क्लिंट ऐसी ही एक अमूर्त कलाकार थीं जो ख़ुद को एक माध्यम के रूप में मानती थीं। अमूर्तता की ओर उनकी धामरिक एवं कलात्मक यात्रा को करीबी से देखिए। अगर आप को यह अच्छा लगा, तो आप उनके किसी मास्टरपीस का एक कस्टम-मेड प्रीमियम प्रिंट यहाँ ऑर्डर कर सकते हैं! :)
Georgiana Houghton