यह ऑस्ट्रेलिया के सबसे ऐतिहासिक वस्त्रों में से एक है—जिसे 1841 में महिला कैदियों ने बनाया था जब उन्हें निर्वासन यात्रा में रजाह नामक जहाज़ पर इंग्लैंड से वैन डायमेन्स लैंड (आज के तस्मानिया) ले जाया जा रहा था। 2800 से भी अधिक कपड़ो के टुकड़ो से बना यह क्विल्ट यानी रज़ाई पर एक शिलालेख दिखाई देता है, जो ब्रिटिश लेडिज़ सोसाइटी फॉर द रिफॉर्मेशन ऑफ़ फीमेल प्रिज़नर्स की महिलाओं को उनके सहयोग और प्रोत्साहन के लिए धन्यवाद व्यक्त करता है, जिसे जेल सुधारक एलिज़ाबेथ फ्राई के नेतृत्व में बनाया गया था।
मान्यता है कि यह रज़ाई केजिया हेटर द्वारा आयोजित की गई थी, एक जेल सुधारक जी उस यात्रा में उन महिलाओं के साथ थीं और जिन्होंने यात्रा शुरू होने से पहले उन महिलाओं को दिए गए सामग्री का उपयोग कर मिल जुलकर सिलाई करने के लिए प्रोत्साहित किया। आज भी उनके निशान इस रज़ाई पर दिखाई देते हैं—ना केवल इसके जटिल पैबंदकारी और कढ़ाई में बल्कि सुई के चुभने के कारण नन्हे ख़ून के धब्बों में भी।
पुनश्च - हम यह अद्भुत कहानी को और इस रज़ाई को हमारे 2027 मेज़ के कैलेंडर में भी दर्शाते हैं। कला और सुंदरता से भरपूर, यह आपके आने वाले साल के हफ़्तों को आलोकित कर देगा! इसे DailyArt शॉप पर जाकर देखना ना भूलें।
पुनः पुनश्च - रज़ाई कहानी भी बतला सकती है। मिलिए हैरियट पावर्स से, जो 19वी सदी की सबसे बहतरीन रज़ाई बनाने वालों में से एक थीं।
Unidentified women of the HMS Rajah convict ship
Kezia Hayter