फ़ारसी पोशाक में एक राजकुमार, मदिरा उड़ेलते हुए by Muhammad Faqirullah Khan - 1630-1640 - 17.8 x 11.2 cm फ़ारसी पोशाक में एक राजकुमार, मदिरा उड़ेलते हुए by Muhammad Faqirullah Khan - 1630-1640 - 17.8 x 11.2 cm

फ़ारसी पोशाक में एक राजकुमार, मदिरा उड़ेलते हुए

कागज़ पर सोने की चमक के साथ गुआश चित्रण • 17.8 x 11.2 cm

  • Muhammad Faqirullah Khan - 1620 - 1670 Muhammad Faqirullah Khan

    1630-1640

चलिए अब हम मुग़ल साम्राज्य की ओर बढ़ते हैं — विशेष रूप से 17वीं शताब्दी के दक्षिण एशिया की ओर।

आज हम प्रस्तुत कर रहे हैं ‘दारा शिकोह एल्बम’ से एक चित्रण, जो मुग़लकालीन के सबसे प्रसिद्ध और महत्वपूर्ण कलाकृतियों में से एक है।दारा शिकोह (1615–1658), सम्राट शाहजहाँ (शासनकाल: 1627–1658) के ज्येष्ठ और प्रिय पुत्र थे। उन्होंने 1633 में अपनी चचेरी बहन नदिरा बन्नो बेगम से विवाह किया और 1641 में यह एल्बम उन्हें भेंट स्वरूप प्रदान किया। हालाँकि, विद्वानों का मानना है कि दारा शिकोह ने इस एल्बम का संकलन 1631 से 1633 के बीच, यानी विवाह से पहले ही शुरू कर दिया था — न कि विवाह के बाद और भेंट के समय के बीच, जैसा पहले माना जाता था।

इस एल्बम की एकमात्र चित्रकला जो हस्ताक्षरित और दिनांकित है, वह आज का यह चित्र है जो आप देख रहे हैं — जिसे मुहम्मद ख़ान नामक एक कमज्ञात कलाकार ने बनाया था। संभवतः वे दक्खिन क्षेत्र से आए थे और 1630 से 1632 के मुग़ल दरबार के बीच बुरहानपुर में ठहरे हुए थें, तब दारा शिकोह द्वारा उन्हें यह कार्य सौंपा गया था। चित्र में आप देख सकते हैं एक फूलों से भरा सुराहीनुमा फूलदान, जो अपनी शैली में उस समय के अन्य मुग़ल पुष्प-चित्रों से अलग दिखता है।

यह एल्बम विशेष रूप से अपने नैतिक और कलात्मक पुष्प-अध्ययनों के लिए विख्यात है। विद्वान मानते हैं कि इसमें यूरोपीय प्रभाव विशेष रूप से दृश्यमान है — विशेष रूप से उन छापों में जो फूलों के चित्र को आकार देते हैं, जो जहांगीर (जिन्होंने 1605 से 1627 तक शासन किया) और शाहजहां के शासनकाल में व्यक्तिगत कार्यों में और शाही एल्बमों की सजावटी सीमाओं में  पाए गए हैं।

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पुनः पुनश्च: मुग़ल सम्राट केवल अपने सैन्य बल और साम्राज्य विस्तार के लिए ही नहीं, बल्कि कला के महान संरक्षकों के रूप में भी प्रसिद्ध थे। आइए, मुग़ल लघुचित्रों की अद्भुत दुनिया को जानिए!