फ़र्डिनांड जॉर्ज वाल्डम्युलर, बाइडरमायर दौर के सबसे प्रमुख ऑस्ट्रियाई चित्रकारों में से एक थे। रोज़मर्रा जीवन को वह बेहद बारीकी से देखते थे, साथ ही वाल्डम्युलर सूक्ष्म चीज़ों पर ध्यान देने एवं प्राकृतिक रोशनी और अपनी यथार्थवाद शैली के लिए जाने जाते थे। ऑस्ट्रिया के ग्रामीण जीवन के उनके वर्णन को बहुत सरहाना गया। उनके द्वारा चित्रित परिदृश्य वाक़ई बेहद सुंदर हैं।
विएना के अकादमी ऑफ़ फाइन आर्ट्स में पढ़ाई करने के बाद, उन्होंने अपनी अजीविका को एक कला शिक्षक और लघुचित्रकार एवं मंच सज्जा में चित्रकार के तौर पर शुरू किया। समय के चलते उन्होंने प्रसिद्ध प्राचीन चित्रकार के कृतियों की प्रतिलिपि कर, कई पोर्ट्रेट चित्र बनाए। 1830 के बाद, उन्होंने अपनी पद्धति को विस्तार कर, परिदृश्य के चित्र बनाना शुरू किया, और 1840 दशक के आखरी के सालों में शैली चित्र उनके काम का एक प्रमुख हिस्सा बन गई।
1829 में वाल्डम्युलर, अकादमी में चित्र के संग्रहण के अभिरक्षक के तौर पर नियुक्त हुए, एक ऐसा पद जिसके चलते उन्हें प्रोफेसर का दर्जा दिया गया। 1846 में उन्होंने शैक्षणिक परीक्षण में सुधार लाने के लिए सुझाव प्रकाशित किए। लेकिन पारंपरिक शिक्षण विधि पर उनकी इस आलोचना को काफ़ी विरोध झेलना पड़ा और 1857 में उन्हें उस पद से हटा दिया गया। हालाकि उनकी मृत्यु से कुछ समय पहले उन्हें इस पद पर दोबारा पुनर्नियुक्त किया गया।
अपने जीवन के दौरान वाल्डम्युलर व्यापक रूप से इटली, फ्रांस, जर्मनी और ब्रिटेन जैसे राज्यों की यात्रा करते रहे जहाँ उन्होंने प्रसिद्ध प्राचीन चित्रकारों एवं समकालीन कलाकारों की कृतियों का अध्ययन किया। अपने द्वारा चित्रित कृतियों को प्रदर्शित करने में वह सफल रहे और यूरोप भर में अपनी प्रतिष्ठा को स्थापित किया।
पुनश्च - जहाँ एक ओर फ़र्डिनांड जॉर्ज वाल्डम्युलर रोज़मर्रा जीवन की शुद्धता और बारीकियों को क़ैद कर रहे थे, वहीं दूसरी ओर 19वी सदी के अन्य चित्रकार प्रकृति को मननशील और काव्यात्मक ढंग से दिखाने का प्रयास कर रहे थे। कैस्पर डेविड फ़्रीड्रिक के मूनराइज ओवर द सी का हमारा यह बेहतरीन प्रिंट किसी भी जगह में सुकून और ठहराव का एहसास ला सकता है।
पुनः पुनश्च - यह कला इतिहास के कुछ सबसे सुंदर झील के चित्र हैं!
Ferdinand Georg Waldmüller