विश्राम by Vilhelm Hammershøi - 1905 - 49 x 46 से. मी. विश्राम by Vilhelm Hammershøi - 1905 - 49 x 46 से. मी.

विश्राम

कैनवास पर तेल • 49 x 46 से. मी.

  • Vilhelm Hammershøi - May 15, 1864 - February 13, 1916 Vilhelm Hammershøi

    1905

विल्हेम हैमरशॉई, एक डेनिश चित्रकार थे जो 1880 के दशक में उभरे। उनको अक्सर वर्मीर का अवरोही माना जाता है और साथ ही हॉपर का अग्रवर्ती भी। उनके चित्रों का सादापन और उनका रहस्य भरा वातावरण जो न्यूनतमवाद शैली से जुड़ा नज़र आता है, उनकी मौलिकता का प्रमाण है। 

माना जाता है कि, हैमरशॉई ने ही "बैक पोट्रेट" का इजात किया था, जिसमे परम्परागत, अग्रभाग या पार्श्व दृश्य के विपरीत चित्र के विषय को पृष्ठ भाग से चित्रित किया जाता है। इस चित्र में बैठी महिला—जो देखने से, या तो एक दासी या फिर एक पूँजीवादी लगती है, अपने काम या सोच में डूबी नज़र आती है। लेकिन दर्शक के प्रति यही विरक्ति उनको रहस्यमई बनाता है। हल्के धूसर और भूरे रंग में गढ़ी गई यह महिला, आंतरिक जगहों को लेकर चित्रकार के संवेदनशीलता को दर्शाती है। 

इस रचना में साफ़ तौर पर लम्बकोण नज़र आते हैं: कुर्सी, फर्श की पट्टी, साइडबोर्ड, हर चीज़ कैनवास पर चौकोर आकार में, प्रोटेस्टेंट तीव्रता से गढ़ी प्रतीत होती है। इसके बावजूद इस चित्र को केवल एकाकीपन या त्रासदी की नज़रों से देखना बहुत संकीर्ण होगा। क्योंकि असली मतलब और चित्र का विषय शायद इस महिला के गर्दन के मोड़ में छुपा है—जो कई पूर्वी संस्कृतियों में आकर्षक माना जाता है। खुले बालों की लटें, ब्लाउज़ के करीब फीकी त्वचा और साइडबोर्ड पर रखा नाज़ुक सा प्याला, हर एक चीज़ नैतिकतावादी नजरिये का विरोध करती है, और उसकी बजाय सन्नाटे में दबी आत्मीयता के अंतर्भाव को जताती है। 

पुनश्च - हैमरशॉई के शांत आंतरिक में वर्मीर की रोशनी और हॉपर की खामोशी गूँजती है। क्या आप जानते हैं कि  इन सभी कलाकारों की रचनाएँ हमारे ग्रेट मास्टरपीसेज़ 50 पोस्टकार्ड सेट में मौजूद हैं?

पुनः पुनश्च - विल्हेम हैमरशॉई के चित्रों की रहस्यमई दुनिया को और करीब से जानें!